{"_id":"61b3a73795337e6a79295600","slug":"protest-of-traders-rampur-news-mbd4122303134","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी की दरों को न बढ़ाएं केंद्रीय वित्त मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी की दरों को न बढ़ाएं केंद्रीय वित्त मंत्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री से जीएसटी की दरें ने बढ़ाने की मांग की है। व्यापारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन भेजा।
शुक्रवार को व्यापारी कलक्ट्रेट पहुंचे और केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलािधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार ने एक जनवरी से कपड़ा, रेडीमेट, हौजरी एवं जूते पर जीएसटी बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी की दर पांच फीसदी से 12 फीसदी करने से व्यापारियों को नुकसान होगा। इसके अलावा जिस दुकानदार पर 31 दिंसबर तक जो स्टाक रह जाएगा, उस पर बचा सात फीसदी जीएसटी देना पड़ेगा। जिसका सीधा असर व्यापार और व्यापारी पर पड़ेगा। केंद्र सरकार के इस फैसले का व्यापारी कड़ा विरोध करेंगे। राजस्व जमा करने में बिलंब होने की दशा में लिया जाने वाला 18 फीसदी ब्याज दर को कम करने की मांग की गई। इसके साथ आन लाइन शापिंग कंपनियों पर 10 फीसदी सर्विस शुल्क लगाने की भी मांग की। प्रदेश महामंत्री कपिल आर्य, जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, युवा जिलाध्यक्ष विपुल गुप्ता, धन्नू मल बंसल, सुरेश बाबू गुप्ता, उमेश सिंघल, डा. महेश मौर्य, कमल रस्तोगी, दिनेश रस्तोगी, नवीन भाटिया, राजीव लोचन, मुकेश चंद्र गुप्ता, मुशर्रफ अली, राकेश कुमार, हरबंश तनेजा, सुदर्शन मदान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शुक्रवार को व्यापारी कलक्ट्रेट पहुंचे और केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलािधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार ने एक जनवरी से कपड़ा, रेडीमेट, हौजरी एवं जूते पर जीएसटी बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी की दर पांच फीसदी से 12 फीसदी करने से व्यापारियों को नुकसान होगा। इसके अलावा जिस दुकानदार पर 31 दिंसबर तक जो स्टाक रह जाएगा, उस पर बचा सात फीसदी जीएसटी देना पड़ेगा। जिसका सीधा असर व्यापार और व्यापारी पर पड़ेगा। केंद्र सरकार के इस फैसले का व्यापारी कड़ा विरोध करेंगे। राजस्व जमा करने में बिलंब होने की दशा में लिया जाने वाला 18 फीसदी ब्याज दर को कम करने की मांग की गई। इसके साथ आन लाइन शापिंग कंपनियों पर 10 फीसदी सर्विस शुल्क लगाने की भी मांग की। प्रदेश महामंत्री कपिल आर्य, जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, युवा जिलाध्यक्ष विपुल गुप्ता, धन्नू मल बंसल, सुरेश बाबू गुप्ता, उमेश सिंघल, डा. महेश मौर्य, कमल रस्तोगी, दिनेश रस्तोगी, नवीन भाटिया, राजीव लोचन, मुकेश चंद्र गुप्ता, मुशर्रफ अली, राकेश कुमार, हरबंश तनेजा, सुदर्शन मदान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन