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निजीकरण के विरोध में धरने पर अधिकारी-कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:10 AM IST
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रामपुर में बिजली अधीक्षण कार्यालय पर विद्युत व्यवस्था के निजीकरण के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करते बिजली अधिकारी और कर्मचारी। अमर उजाला
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बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ दफ्तरों में ताले डालकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। साथ ही प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
प्रदेश सरकार ने पांच जिलों की बिजली व्यवस्था निजी कंपनी को सौंप दी है। इसको लेकर बिजली विभाग में विरोध के स्वर फूटने लगे। अधिकारियों से लेकर छोटे कर्मचारियों तक हर स्तर पर निजीकरण का विरोध हो रहा है।
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इसके तहत मंगलवार को राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के बैनर तले विभाग के अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता, लिपिकीय संवर्ग समेत सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालयों में ताले डालकर सिविल लाइंस स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिए।
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जिलाध्यक्ष बलदेव सिंह ने कहा कि सरकार ने लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी एवं गोरखपुर समेत पांच जनपदों की बिजली व्यवस्था निजी क्षेत्र को देने का फैसला किया है। इससे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
सरकार के इस फैसले को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता सचिन कुमार, विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता टेस्ट नरेश कुमार, हरिबहादुर सक्सेना, छोटेलाल, सुरेन्द्र कुमार, वीपी सिंह, राहुल यादव, अमित कुमार सैनी, प्रदीप घिल्डियाल, राजेन्द्र सिंह, सतीश रावत, प्रेम प्रकाश सैनी, विनय उपस्थित रहे।