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कानून वापस नहीं लिए तो सत्ता परिवर्तन तक चलेगा आंदोलन
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भोट (रामपुर)। केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बेमियादी धरने के 122 वें दिन भी जारी रहा। किसान कोयला टोल प्लाजा की एक लाइन को बंद कर धरने पर बैठ रहे। इस दौरान क्षेत्र के व्यापारियों, मजदूरों और दुकानदारों से भी 27 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने की अपील की गई।
केंन्द्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का नेशनल हाईवे में कोयला टोल प्लाजा में बेमियादी धरना 122वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान भाकियू नेता सलीम अहमद ने कहा कि सरकार एक दिन किसानों की बात को अवश्य सुनेगी तथा कृषि कानूनों को अवश्य वापस लेगी। अगर, यह सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेगी तो सत्ता परिवर्तन के बाद जो नई सरकार बनेगी, वह कृषि कानूनों को वापस लेगी। इसलिए, किसानों को निराश होने की जरूरत नहीं है। यदि सरकार ने तीनों किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया तो किसान 2024 तक धरने पर बैठे रहेंगे। इस दौरान मोहम्मद तालिब, इरफान हसन, दिलशाद हुसैन, जुल्फिकार, जुम्मा, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद असलम, इकरार हुसैन, नईम, हाफिज अयूब, चंद्रसेन, देवीदास, अब्दुल मुस्तफा आदि मौजूद रहे।
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केंन्द्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का नेशनल हाईवे में कोयला टोल प्लाजा में बेमियादी धरना 122वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान भाकियू नेता सलीम अहमद ने कहा कि सरकार एक दिन किसानों की बात को अवश्य सुनेगी तथा कृषि कानूनों को अवश्य वापस लेगी। अगर, यह सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेगी तो सत्ता परिवर्तन के बाद जो नई सरकार बनेगी, वह कृषि कानूनों को वापस लेगी। इसलिए, किसानों को निराश होने की जरूरत नहीं है। यदि सरकार ने तीनों किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया तो किसान 2024 तक धरने पर बैठे रहेंगे। इस दौरान मोहम्मद तालिब, इरफान हसन, दिलशाद हुसैन, जुल्फिकार, जुम्मा, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद असलम, इकरार हुसैन, नईम, हाफिज अयूब, चंद्रसेन, देवीदास, अब्दुल मुस्तफा आदि मौजूद रहे।
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