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माननीयों के विकास कार्यों के प्रस्ताव को भूली सरकार, अब तक नहीं मिल सकी मंजूरी
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रामपुर। जिले में माननीयों से तीन सौ करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव लिए गए थे। लोक निर्माण विभाग ने इन प्रस्तावों को वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करते हुए मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया था। लेकिन अब तक कार्ययोजना को मंजूरी नहीं मिल सकी है। जबकि, प्रस्ताव भेजे हुए डेढ़ माह बीत चुका है।
जिले की तमाम सड़कों की हालत खस्ता है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों के निर्माण के लिए समय-समय पर प्रस्ताव तैयार कर भेजे जाते हैं, जिन्हें मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य होता है। कई बार इन्हें मंजूूरी मिलने में देरी भी हो जाती है, जिसकी वजह से सड़कें समय पर नहीं बन पाती हैं। वहीं, ऐसा भी देखने को मिलता है कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव देरी से मिलते हैं, जिस कारण निर्माण कार्यों में देरी होती है और लोगों को दिक्कतें होती हैं।
ऐसे में लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिशासी अभियंताओं से पूरे जिले की एक साल की कार्ययोजना मांगी गई थी, जिसमें जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को भी शामिल करना था। इसके बाद विभाग की ओर से केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी समेत रामपुर जिले के पांचों विधायकों से संपर्क स्थापित कर सड़कों के निर्माण, मरम्मत, विशेष मरम्मत, नवनिर्माण, चौड़ीकरण, लघु सेतु, दीर्घ सेतु आदि के प्रस्ताव मांगे गए थे। इसके तहत सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हो गए थे। लेकिन बाद में विभाग की ओर से प्रत्येक जनप्रतिनिधि से 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया था, जिसके बाद विभाग ने सर्वाधिक जरूरी कार्यों के प्रस्ताव भेज दिए थे। विभाग को प्रस्ताव भेजे हुए दो माह का समय बीत गया, लेकिन अब तक इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में सड़कों का निर्माण अटक गया है। विभागीय अफसरों की मानें तो आगामी कुछ दिनों में वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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जिले की तमाम सड़कों की हालत खस्ता है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों के निर्माण के लिए समय-समय पर प्रस्ताव तैयार कर भेजे जाते हैं, जिन्हें मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य होता है। कई बार इन्हें मंजूूरी मिलने में देरी भी हो जाती है, जिसकी वजह से सड़कें समय पर नहीं बन पाती हैं। वहीं, ऐसा भी देखने को मिलता है कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव देरी से मिलते हैं, जिस कारण निर्माण कार्यों में देरी होती है और लोगों को दिक्कतें होती हैं।
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ऐसे में लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिशासी अभियंताओं से पूरे जिले की एक साल की कार्ययोजना मांगी गई थी, जिसमें जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को भी शामिल करना था। इसके बाद विभाग की ओर से केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी समेत रामपुर जिले के पांचों विधायकों से संपर्क स्थापित कर सड़कों के निर्माण, मरम्मत, विशेष मरम्मत, नवनिर्माण, चौड़ीकरण, लघु सेतु, दीर्घ सेतु आदि के प्रस्ताव मांगे गए थे। इसके तहत सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हो गए थे। लेकिन बाद में विभाग की ओर से प्रत्येक जनप्रतिनिधि से 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया था, जिसके बाद विभाग ने सर्वाधिक जरूरी कार्यों के प्रस्ताव भेज दिए थे। विभाग को प्रस्ताव भेजे हुए दो माह का समय बीत गया, लेकिन अब तक इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में सड़कों का निर्माण अटक गया है। विभागीय अफसरों की मानें तो आगामी कुछ दिनों में वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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