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रामपुर में बुखार का कहर: डेंगू से गर्भवती की मौत, 18 और मरीज मिले, आंकड़ा 600 के पार पहुंचा

Sat, 04 Nov 2023 01:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Sat, 04 Nov 2023 01:40 AM IST
सार

रामपुर जिले में बुखार के मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। डेंगू से भी जान जाने का सिलसिला जारी है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रभावित इलाकों में लोगों को दवा बांटी जा रही है।

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Rampur: Pregnant woman dies of dengue, 18 more patients found, figure crosses 600
जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है। जिसके चलते निजी अस्पतालों में पीड़ित रोगियों की भरमार है। शुक्रवार को डेंगू से मसवासी के मोहल्ला चाऊपुरा वार्ड नंबर एक निवासी जय सिंह सागर की 23 वर्षीय पत्नी संजना की मौत हो गई। संजना गर्भवती थी। दो दिन पहले उसे तेज बुखार आया था। जांच में डेंगू के साथ गर्भ में पल रहे पांच माह के बच्चे की मौत की भी पुष्टि हुई थी।

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परिजनों ने उसे मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां शुक्रवार को महिला की मौत हो गई। जिले में निजी पैथोलॉजी लैब में रैपिड टेस्ट किट से जांच कर डेंगू की पुष्टि कर देते हैं। जबकि सरकारी में एलाइजा जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि की जा रही है। निजी पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए रोगियों से एक हजार से 1200 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
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जिले में शुक्रवार को डेंगू के 18 और रोगी सामने आए हैं। इनमें नगरीय क्षेत्र में राधा रोड, नाला पार, डिग्री कॉलेज, राजद्वारा आदि में डेंगू के मरीज मिले हैं। अब तक 671 मामले आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग डेंगू की जांच में खानापूर्ति कर अपनी पीठ थपथपा रहा है। जबकि निजी पैथोलॉजी लैब पर डेंगू की जांच के नाम पर रोगियों की जेब कट रही है।
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यहां डेंगू की जांच के लिए रोगियों से एक हजार से लेकर 1200 रुपये तक लिए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम पाए जाने से उन्हें डेंगू बढ़कर महंगा इलाज शुरू कर दिया जाता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीके वर्मा ने बताया निजी पैथोलॉजी वाले रैपिड किट से जांच कर रहे हैं, जबकि डेंगू की जांच एलाइजा विधि से कर ही पुष्टि की जा सकती है।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केके चहल ने बताया डेंगू की जांच के लिए रोगी नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल पहुंचे। यहां एलाइजा जांच के आधार पर रोगी का इलाज किया जाता है। समय पर जांच करने पर रोगी सात से 10 दिन के अंदर स्वस्थ हो रहे हैं।

पंजीकृत हैं सिर्फ 16 लैब

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 16 पैथोलॉजी लैब पंजीकृत हैं। जबकि शहर से लेकर गांव देहात में बिना पंजीकरण के 300 से ज्यादा पैथोलॉजी लैब चल रही हैं। इनमें मनमानी ढंग से रोगियों से जांच के नाम पर वसूली की जा रही है। इन अपंजीकृत लैबों को बंद करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोई प्रयास नहीं किए हैं।

बुखार अथवा डेंगू के लक्षण नजर आने पर सरकारी अस्पताल में पहुंच कर ही जांच कराएं। इससे संक्रमण का सही ढंग से पता चलता है और पर रोगी जल्दी स्वस्थ हो जा रहे हैं। -डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ।

सीएमओ ने किया गांव का दौरा

सैदनगर क्षेत्र के गांव नगलिया आकिल में बुखार से हो रही लगातार मौतों के बाद शुक्रवार को सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने गांव पहुंचकर भ्रमण किया। इस दौरान गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। अस्पताल में तैनात कर्मचारियों से बुखार के मरीजों के बारे में जानकारी ली गई।

सीएमओ ने अस्पताल में सभी प्रकार की दवा रखने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों से बात करते हुए सीएमओ ने साफ सफाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत से भी लगातार कीटनाशक छिड़काव को कहा गया।

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