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जौहर विवि के कब्जे में है 34 एकड़ से अधिक शत्रु संपत्ति
ब्यूरो अमर उजाला / रामपुर
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:06 AM IST
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Police University
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गृह मंत्रालय की ओर से एक लाख करोड़ की शत्रु संपत्ति को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद रामपुर में खलबली है। क्योंकि रामपुर में भी करोड़ों रुपये की शत्रु संपत्ति है, जिसमें करीब 34 एकड़ शत्रु संपत्ति जौहर विश्वविद्यालय के भी कब्जे में है।
फिलहाल इसकी जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक इस शत्रु संपत्ति को शिया वक्फ बोर्ड में दर्ज कराके कब्जे की कोशिश भी की गई है। इसकी शिकायत भी शासन के पास की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा शत्रु संपत्तियों के नीलाम करने की प्रक्रिया के बाद रामपुर जिले में शत्रु संपत्तियों पर काबिज लोगों में खलबली मच गई है। रामपुर जिले में करोड़ों रुपये की शत्रु संपत्तियां हैं। इनमें सबसे ज्यादा सदर तहसील और मिलक व स्वार में भी शत्रु संपत्तियां हैं।
जौहर विश्वविद्यालय की चहारदीवारी के भीतर भी करीब 34 एकड़ शत्रु संपत्ति है, जिस पर कब्जा किए जाने की लगातार शिकायतें की जाती रही हैं। यह शत्रु संपत्ति इमामुद्दीन कुरैशी पुत्र बदरुद्दीन की हैं। बताया जाता है कि जौहर ट्रस्ट की ओर से इस संपत्ति को पूर्व में जौैहर ट्रस्ट के लिए प्रति माह 1708 रुपये के किराए पर मांगा गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी मुस्तफा ने इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था।
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लेकिन इसके बाद इस शत्रु संपत्ति को शिया वक्फ बोर्ड में शामिल करके कब्जे की कोशिश की गई। इस संबंध में आईआईए के अध्यक्ष आकाश सक्सेना हनी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम, मोहब्बे अली नईमी, दानिश खान के साथ ही तमाम लोगों ने शिकायतें भी की थीं। मौजूदा समय में यह शत्रु संपत्ति जौहर विवि के कब्जे में है और विवादित बनी है।
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फिलहाल इसकी जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक इस शत्रु संपत्ति को शिया वक्फ बोर्ड में दर्ज कराके कब्जे की कोशिश भी की गई है। इसकी शिकायत भी शासन के पास की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा शत्रु संपत्तियों के नीलाम करने की प्रक्रिया के बाद रामपुर जिले में शत्रु संपत्तियों पर काबिज लोगों में खलबली मच गई है। रामपुर जिले में करोड़ों रुपये की शत्रु संपत्तियां हैं। इनमें सबसे ज्यादा सदर तहसील और मिलक व स्वार में भी शत्रु संपत्तियां हैं।
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जौहर विश्वविद्यालय की चहारदीवारी के भीतर भी करीब 34 एकड़ शत्रु संपत्ति है, जिस पर कब्जा किए जाने की लगातार शिकायतें की जाती रही हैं। यह शत्रु संपत्ति इमामुद्दीन कुरैशी पुत्र बदरुद्दीन की हैं। बताया जाता है कि जौहर ट्रस्ट की ओर से इस संपत्ति को पूर्व में जौैहर ट्रस्ट के लिए प्रति माह 1708 रुपये के किराए पर मांगा गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी मुस्तफा ने इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था।
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लेकिन इसके बाद इस शत्रु संपत्ति को शिया वक्फ बोर्ड में शामिल करके कब्जे की कोशिश की गई। इस संबंध में आईआईए के अध्यक्ष आकाश सक्सेना हनी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम, मोहब्बे अली नईमी, दानिश खान के साथ ही तमाम लोगों ने शिकायतें भी की थीं। मौजूदा समय में यह शत्रु संपत्ति जौहर विवि के कब्जे में है और विवादित बनी है।