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सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की उपचार के दौरान मौत
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शाहबाद (रामपुर)। दो दिसंबर की सुबह को चौकी इंचार्ज की अनियंत्रित कार ने बस के इंतजार में खड़े ग्रामीणों के टक्कर मार दी थी। हादसे में आठ लोग घायल हो गए थे। जिसमें एक बुजुर्ग की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया। वहीं, देर शाम मृतक के परिजनों ने कोतवाली में तहरीर दे दी है।
दो दिसंबर को शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव बड़ागांव पर बस के इंतजार में खड़े आठ लोगों को ढकिया चौकी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह की अनियंत्रित कार ने कुचल दिया था। हादसे के बाद चौराहे पर चीख-पुकार मच गई थी और भीड़ एकत्र हो गई थी। हालांकि, इस दौरान ढकिया चौकी इंचार्ज अपनी कार लेकर नहीं भागे। उन्होंने कार को एक तरफ खड़ा करने के बाद विभाग को फोन करना आरंभ कर दिया था। लेकिन, जब बाद में चौराहे पर मौजूद भीड़ को यात्रियों पर कार चढ़ाने वाले चालक का पता लगा, तो आक्रोशित भीड़ ने ढकिया चौकी के साथ हाथापाई कर दी थी। उधर, घायलों को शाहबाद भेज दिया गया। घायलों में धुरयाई गांव निवासी विनोद (62 वर्ष) के गंभीर चोटें आईं थीं। जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। लेकिन, हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। सात दिसंबर की देर रात को विनोद ने दम तोड़ दिया। बुधवार सवेरे पुलिस द्वारा मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद जब शव घर पहुंचा, तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। उधर, परिजनों ने देर शाम को ढकिया चौकी इंचार्ज के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे दी है। बताया गया कि मृतक ने अपने पीछे चार बच्चे और पत्नी लोंगश्री को छोड़ा है।
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दो दिसंबर को शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव बड़ागांव पर बस के इंतजार में खड़े आठ लोगों को ढकिया चौकी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह की अनियंत्रित कार ने कुचल दिया था। हादसे के बाद चौराहे पर चीख-पुकार मच गई थी और भीड़ एकत्र हो गई थी। हालांकि, इस दौरान ढकिया चौकी इंचार्ज अपनी कार लेकर नहीं भागे। उन्होंने कार को एक तरफ खड़ा करने के बाद विभाग को फोन करना आरंभ कर दिया था। लेकिन, जब बाद में चौराहे पर मौजूद भीड़ को यात्रियों पर कार चढ़ाने वाले चालक का पता लगा, तो आक्रोशित भीड़ ने ढकिया चौकी के साथ हाथापाई कर दी थी। उधर, घायलों को शाहबाद भेज दिया गया। घायलों में धुरयाई गांव निवासी विनोद (62 वर्ष) के गंभीर चोटें आईं थीं। जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। लेकिन, हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। सात दिसंबर की देर रात को विनोद ने दम तोड़ दिया। बुधवार सवेरे पुलिस द्वारा मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद जब शव घर पहुंचा, तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। उधर, परिजनों ने देर शाम को ढकिया चौकी इंचार्ज के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे दी है। बताया गया कि मृतक ने अपने पीछे चार बच्चे और पत्नी लोंगश्री को छोड़ा है।
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