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अब कागजी प्रक्रियाओं में फंसी पर्यटन की सैर
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रामपुर। नगर पालिका की ओर से कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार अक्तूबर में दो बार चालू करने की बात कही गई थी, लेकिन नवंबर तक पक्षी विहार चालू नहीं हो सका है। अब कुछ कागजी प्रक्रियाओं में पर्यटन स्थल की सैर अटकी हुई है। हालांकि, नगर पालिका का दावा है कि आगामी कुछ दिनों में ये प्रक्रियाएं पूरी करा ली जाएंगी।
प्रदेश सरकार की ओर से 24 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार में सैर सपाटे का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। लेकिन, नगर पालिका इसकी शुरुआत नहीं करा पा रही है। हालांकि, नगर पालिका की ओर से पक्षी विहार का ठेका कर दिया गया है। यह ठेका दस साल के लिए किया गया है।
पक्षी विहार में लोग पार्क के साथ ही झील में नौकायन, खान-पान, वेज एवं नॉनवेज व्यंजनों आदि का भी इंतजाम किया गया है। साथ ही लोग स्थानीय, चीनी एवं पारंपरिक व्यंजनों का भी लुत्फ ले सकेंगे। कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार में देश की प्रसिद्ध इमारतों के मॉडल भी लगाए गए हैं। इसमें ताजमहल, कुतुबमीनार, रजा लाइब्रेरी, सोमनाथ मंदिर, लालकिला, इंडिया गेट, गेट वे ऑफ इंडिया आदि इमारतों के मॉडल शामिल हैं। किन्तु, इतना कुछ होने के बाद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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नगर पालिका परिषद के अफसरों की मानें तो कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार का ठेका हो गया है। अब ठेकेदार की ओर से पक्षी विहार में कई कार्य कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि दो अक्तूूबर से कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार शुरू होना था, लेकिन ठेकेदार का स्वास्थ्य खराब होने की वजह से इसे 12 अक्तूूबर से शुरू करने के लिए टाल दिया था।
किन्तु, अब ठेकेदार के स्तर पर ही कुछ प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। इसमें एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन और कुछ फीस नगर पालिका को जमा करनी होगी। जिसके बाद ही कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार ठेकेदार को हैंडओवर किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने बताया कि सभी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर ली जाएंगी।
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प्रदेश सरकार की ओर से 24 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार में सैर सपाटे का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। लेकिन, नगर पालिका इसकी शुरुआत नहीं करा पा रही है। हालांकि, नगर पालिका की ओर से पक्षी विहार का ठेका कर दिया गया है। यह ठेका दस साल के लिए किया गया है।
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पक्षी विहार में लोग पार्क के साथ ही झील में नौकायन, खान-पान, वेज एवं नॉनवेज व्यंजनों आदि का भी इंतजाम किया गया है। साथ ही लोग स्थानीय, चीनी एवं पारंपरिक व्यंजनों का भी लुत्फ ले सकेंगे। कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार में देश की प्रसिद्ध इमारतों के मॉडल भी लगाए गए हैं। इसमें ताजमहल, कुतुबमीनार, रजा लाइब्रेरी, सोमनाथ मंदिर, लालकिला, इंडिया गेट, गेट वे ऑफ इंडिया आदि इमारतों के मॉडल शामिल हैं। किन्तु, इतना कुछ होने के बाद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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नगर पालिका परिषद के अफसरों की मानें तो कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार का ठेका हो गया है। अब ठेकेदार की ओर से पक्षी विहार में कई कार्य कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि दो अक्तूूबर से कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार शुरू होना था, लेकिन ठेकेदार का स्वास्थ्य खराब होने की वजह से इसे 12 अक्तूूबर से शुरू करने के लिए टाल दिया था।
किन्तु, अब ठेकेदार के स्तर पर ही कुछ प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। इसमें एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन और कुछ फीस नगर पालिका को जमा करनी होगी। जिसके बाद ही कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार ठेकेदार को हैंडओवर किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने बताया कि सभी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर ली जाएंगी।