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Rampur News: मूल पद पर लौटने के आदेश के साढ़े दस माह बाद भी नहीं संभाला कार्यभार, नोटिस
Fri, 31 Jul 2026 01:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 31 Jul 2026 01:05 AM IST
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रामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में चर्चित नेगपाल सिंह प्रकरण में विभाग ने एक और कार्रवाई करते हुए उन्हें गैरहाजिर रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सहायक लेखाकार के पद से हटाकर मूल पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर भेजे जाने के करीब साढ़े दस माह बाद भी कार्यभार ग्रहण न करने और बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय ने उनसे जवाब तलब किया है।
विभाग ने शासन के निर्देशों के अनुपालन में 15 सितंबर 25 को नेगपाल सिंह को सहायक लेखाकार के पद से रिवर्ट कर उनके मूल पद पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उन्होंने अब तक कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार नहीं संभाला। विभाग का कहना है कि इस दौरान उन्होंने न तो अवकाश का कोई प्रार्थना पत्र दिया और न ही अनुपस्थिति की कोई सूचना उपलब्ध कराई।
नेगपाल सिंह पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उन पर अपनी पत्नी की कथित फर्जी नियुक्ति कराकर सरकारी वेतन दिलाने का आरोप जांच में सही पाया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उनकी सहायक लेखाकार पद पर पदोन्नतियां नियमों के विपरीत और बैकडेट से की गई थीं। मामले में कार्रवाई के दौरान उन्हें जनवरी 2025 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में शासन ने उनकी पदोन्नतियां निरस्त करते हुए उन्हें मूल पद पर वापस भेजने तथा अतिरिक्त वेतन की वसूली के निर्देश दिए थे।
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अब जारी नोटिस में कहा गया है कि बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहना सरकारी कर्मचारी के आचरण नियमों का उल्लंघन है। नेगपाल सिंह को सात दिन के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और तत्काल कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
वित्त एवं लेखाधिकारी रणजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने अथवा कार्यभार ग्रहण न करने की स्थिति में उनके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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विभाग ने शासन के निर्देशों के अनुपालन में 15 सितंबर 25 को नेगपाल सिंह को सहायक लेखाकार के पद से रिवर्ट कर उनके मूल पद पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उन्होंने अब तक कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार नहीं संभाला। विभाग का कहना है कि इस दौरान उन्होंने न तो अवकाश का कोई प्रार्थना पत्र दिया और न ही अनुपस्थिति की कोई सूचना उपलब्ध कराई।
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नेगपाल सिंह पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उन पर अपनी पत्नी की कथित फर्जी नियुक्ति कराकर सरकारी वेतन दिलाने का आरोप जांच में सही पाया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उनकी सहायक लेखाकार पद पर पदोन्नतियां नियमों के विपरीत और बैकडेट से की गई थीं। मामले में कार्रवाई के दौरान उन्हें जनवरी 2025 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में शासन ने उनकी पदोन्नतियां निरस्त करते हुए उन्हें मूल पद पर वापस भेजने तथा अतिरिक्त वेतन की वसूली के निर्देश दिए थे।
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अब जारी नोटिस में कहा गया है कि बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहना सरकारी कर्मचारी के आचरण नियमों का उल्लंघन है। नेगपाल सिंह को सात दिन के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और तत्काल कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
वित्त एवं लेखाधिकारी रणजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने अथवा कार्यभार ग्रहण न करने की स्थिति में उनके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।