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नोडल अधिकारी को मिली खामियां
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मिलक पालिका का निरीक्षण करते नोडल अधिकारी।
- फोटो : MILAK
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मिलक। नोडल अधिकारी एल वेंक्टेश्वर लू ने सीएचसी और नगर पालिका का निरीक्षण किया। निरीक्षण में तमाम खामियां मिलीं। निरीक्षण में सीएचसी पर खुले में डंपिंग मिली। पानी की निकासी और तालाब पर अतिक्रमण का मुद्दा उठा। जिस पर प्रशासनिक अफसरों को समस्याओं को समाधान का निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी एल वेंक्टेश्वर लू मंगलवार को सीएचसी पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने ओपीडी कक्षों का निरीक्षण किया और डाक्टरों से बात की। उन्हें एक ओपीडी कक्ष में दो डाक्टर मिले। जिस पर उनका कहना था कि जिस पर उन्होंने सीएमओ से डाक्टरों की नियुक्ति को लेकर सही व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बाद में महिला वार्ड का निरीक्षण किया। यहां पर सीएचसी परिसर में खुले में कूड़ा डंपिंग होना मिला। तब सीएचसी प्रभारी डॉ. निहाल सिंह से नाराजगी जताई और डंपिंग डिस्पोज करने के निर्देश दिए। समाजसेवी विनोद कुमार सक्सेना ने सीएचसी परिसर में जलभराव होने और राम सिंह की मढ़ी पर तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा की शिकायत की। उनका कहना है कि सीएचसी परिसर में जलभराव होने से संक्रामक रोग फैलने की आशंका रहती है। जिस पर उन्होने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी छोटे कन्हैया सिंह को तलब किया। जिस पर उनका कहना था कि पानी निकासी के नाले पर करीब सौ दुकानें नगर पालिका की बनी हुई हैं। जिस कारण नाले की पूरी तरह से सफाई नहीं हो पाती है। जिस पर नोडल अधिकारी का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत नाले को खाली कराया जाए और तालाब भूमि पर कब्जे को 10 दिन में हटवाया जाए। उन्होंने नगर पालिका परिषद के वार्ड-सात में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। नागरिकों से समस्याओं को जाना। बाद में नगर पालिका परिषद पहुंचे। जहां पर उन्होंने नगर पालिका परिसर, सभागार और कार्यालय के अभिलेखों का निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि सीएचसी पर आपातकालीन व्यवस्था सही होगी। सीएचसी पर तैनात डाक्टरों की व्यवस्था अनुपात के आधार पर की जाएगी। उन्होंने एसडीएम के निरीक्षण रिपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान न लेने पर सीएमओ से बात की। उनका कहना है कि सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द सुधार आएगा। निरीक्षण में एडीएम जेपी गुप्ता, उपजिलाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता, सीओ ओमकार नाथ शर्मा मौजूद रहे।
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नोडल अधिकारी एल वेंक्टेश्वर लू मंगलवार को सीएचसी पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने ओपीडी कक्षों का निरीक्षण किया और डाक्टरों से बात की। उन्हें एक ओपीडी कक्ष में दो डाक्टर मिले। जिस पर उनका कहना था कि जिस पर उन्होंने सीएमओ से डाक्टरों की नियुक्ति को लेकर सही व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बाद में महिला वार्ड का निरीक्षण किया। यहां पर सीएचसी परिसर में खुले में कूड़ा डंपिंग होना मिला। तब सीएचसी प्रभारी डॉ. निहाल सिंह से नाराजगी जताई और डंपिंग डिस्पोज करने के निर्देश दिए। समाजसेवी विनोद कुमार सक्सेना ने सीएचसी परिसर में जलभराव होने और राम सिंह की मढ़ी पर तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा की शिकायत की। उनका कहना है कि सीएचसी परिसर में जलभराव होने से संक्रामक रोग फैलने की आशंका रहती है। जिस पर उन्होने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी छोटे कन्हैया सिंह को तलब किया। जिस पर उनका कहना था कि पानी निकासी के नाले पर करीब सौ दुकानें नगर पालिका की बनी हुई हैं। जिस कारण नाले की पूरी तरह से सफाई नहीं हो पाती है। जिस पर नोडल अधिकारी का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत नाले को खाली कराया जाए और तालाब भूमि पर कब्जे को 10 दिन में हटवाया जाए। उन्होंने नगर पालिका परिषद के वार्ड-सात में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। नागरिकों से समस्याओं को जाना। बाद में नगर पालिका परिषद पहुंचे। जहां पर उन्होंने नगर पालिका परिसर, सभागार और कार्यालय के अभिलेखों का निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि सीएचसी पर आपातकालीन व्यवस्था सही होगी। सीएचसी पर तैनात डाक्टरों की व्यवस्था अनुपात के आधार पर की जाएगी। उन्होंने एसडीएम के निरीक्षण रिपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान न लेने पर सीएमओ से बात की। उनका कहना है कि सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द सुधार आएगा। निरीक्षण में एडीएम जेपी गुप्ता, उपजिलाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता, सीओ ओमकार नाथ शर्मा मौजूद रहे।
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