{"_id":"6001f4118ebc3e2e55065342","slug":"nawab-property-rampur-rampur-news-mbd376279616","type":"story","status":"publish","title_hn":"पक्षकारों ने आपसी सहमति बनाने के लिए मांगा वक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पक्षकारों ने आपसी सहमति बनाने के लिए मांगा वक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। नवाब की संपत्ति के बंटवारे को लेकर पक्षकारों ने आपसी सहमति बनाने के लिए 15 दिन का वक्त मांगा है। कोर्ट ने पक्षकारों की अर्जी को स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 25 जनवरी निर्धारित कर दी है।
नवाब की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रही है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक नवाब की संपत्ति का मूल्यांकन कराया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पक्षकारों के बीच सहमति बनाने के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति की गई थी। पक्षकारों को पर्याप्त समय भी दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के दौरान उनके बीच सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में मध्यस्थ ने जिला जज को अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर दी कि पक्षकारों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को जिला जज की कोर्ट में थी। शुक्रवार को संपत्ति की पक्षकार तलत फात्मा हसन की ओर से उनके अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने कोर्ट में अर्जी दी कि पक्षकारों के बीच आपस में वार्ता चल रही थी, परंतु मध्यस्थता हेतु समय सीमा निश्चित होने के कारण पत्रावली कोर्ट को प्रेषित कर दी गई है। अर्जी में कहा गया है कि पक्षकारों के बीच आपसी राजीनामे के आधार पर अभी वार्ता चल रही है जिसमें लगभग 15 दिन के अंदर कोई निष्कर्ष निकलने की संभावना है। अत: आपसी सहमति बनाने के लिए 15 दिन का वक्त दिया जाए। कोर्ट ने अर्जी को स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 25 जनवरी निर्धारित कर दी है। अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि नवाब की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया को लेकर कुछ पक्षकारों की ओर से सहमति बनाने के लिए 15 दिन का वक्त मांगा गया है। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 25 जनवरी निर्धारित की है।
विज्ञापन
नवाब की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रही है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक नवाब की संपत्ति का मूल्यांकन कराया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पक्षकारों के बीच सहमति बनाने के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति की गई थी। पक्षकारों को पर्याप्त समय भी दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के दौरान उनके बीच सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में मध्यस्थ ने जिला जज को अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर दी कि पक्षकारों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को जिला जज की कोर्ट में थी। शुक्रवार को संपत्ति की पक्षकार तलत फात्मा हसन की ओर से उनके अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने कोर्ट में अर्जी दी कि पक्षकारों के बीच आपस में वार्ता चल रही थी, परंतु मध्यस्थता हेतु समय सीमा निश्चित होने के कारण पत्रावली कोर्ट को प्रेषित कर दी गई है। अर्जी में कहा गया है कि पक्षकारों के बीच आपसी राजीनामे के आधार पर अभी वार्ता चल रही है जिसमें लगभग 15 दिन के अंदर कोई निष्कर्ष निकलने की संभावना है। अत: आपसी सहमति बनाने के लिए 15 दिन का वक्त दिया जाए। कोर्ट ने अर्जी को स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 25 जनवरी निर्धारित कर दी है। अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि नवाब की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया को लेकर कुछ पक्षकारों की ओर से सहमति बनाने के लिए 15 दिन का वक्त मांगा गया है। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 25 जनवरी निर्धारित की है।
विज्ञापन