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नवाब खानदान संपत्ति बंटवारा : आज रखा जा सकता है किसे कहां संपत्ति मिलेगी इसका ब्यौरा.
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रामपुर। नवाब खानदान की संपत्ति के बंटवारे में किस पक्ष को कहां संपत्ति मिलेगी, इस बात का ब्योरा आज अदालत में रखा जा सकता है। जिस पर अगर सभी पक्षों की सहमति हुई तो बंटवारे की प्रक्रिया आगे बढ़ जाएगी। अगर किसी को आपत्ति हुई तो आपत्तियां ली जाएंगी।
रामपुर में नवाब खानदान की करीब 2600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जिसके बंटवारे की प्रक्रिया जिला जज की कोर्ट में चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2019 में शरीयत के हिसाब से बंटवारा करने के आदेश दिए थे। बंटवारे की जिम्मेदारी जिला जज को सौंपी थी। उन्हें दिसंबर 2020 तक बंटवारा करना था। लेकिन, कोरोना के चलते पिछले साल लंबे समय तक अदालतें बंद रहीं और सुनवाई नहीं हो सकी। इस कारण निर्धारित अवधि में बंटवारा नहीं हो सका।
इस पर जिला जज की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने छह माह का समय बढ़ा दिया था। यह समय भी पूरा हो चुका है। सोमवार को इस मामले में जिला जज की कोर्ट में सुनवाई होगी। पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता एवं 11 पक्षकारों के वकील हर्ष गुप्ता ने बताया कि सोमवार को सभी पक्षकारों के समक्ष संपत्ति में किसे कहां संपत्ति मिलेगी, इसका ब्योरा प्रस्तुत किया जा सकता है। जिसके बाद सभी पक्षकारों की सहमति ली जाएगी, अगर सभी सहमत हो जाते हैं तो बंटवारे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और सहमति न होने पर आपत्ति ली जाएगी।
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रामपुर में नवाब खानदान की करीब 2600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जिसके बंटवारे की प्रक्रिया जिला जज की कोर्ट में चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2019 में शरीयत के हिसाब से बंटवारा करने के आदेश दिए थे। बंटवारे की जिम्मेदारी जिला जज को सौंपी थी। उन्हें दिसंबर 2020 तक बंटवारा करना था। लेकिन, कोरोना के चलते पिछले साल लंबे समय तक अदालतें बंद रहीं और सुनवाई नहीं हो सकी। इस कारण निर्धारित अवधि में बंटवारा नहीं हो सका।
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इस पर जिला जज की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने छह माह का समय बढ़ा दिया था। यह समय भी पूरा हो चुका है। सोमवार को इस मामले में जिला जज की कोर्ट में सुनवाई होगी। पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता एवं 11 पक्षकारों के वकील हर्ष गुप्ता ने बताया कि सोमवार को सभी पक्षकारों के समक्ष संपत्ति में किसे कहां संपत्ति मिलेगी, इसका ब्योरा प्रस्तुत किया जा सकता है। जिसके बाद सभी पक्षकारों की सहमति ली जाएगी, अगर सभी सहमत हो जाते हैं तो बंटवारे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और सहमति न होने पर आपत्ति ली जाएगी।
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