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मां की स्तुति कर दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
Updated Fri, 08 Apr 2016 11:18 PM IST
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रामपुर में शुक्रवार को चैत्र नवरात्र के पहले दिन अग्रवाल धर्मशाला स्थित चांदीवाला मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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वासंतिक नवरात्र शुक्रवार से प्रारंभ हो गए। इसके प्रथम दिन भक्तों ने मां के शैलपुत्री रूप की पूजा की। साथ ही उन्होंने फल, फूल, नारियल, चुनरी और धूप चढ़ाकर मां से सौभाग्य, प्रकृति और लंबी आयु का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने दुर्गा चालीसा, सप्तशती का पाठ किया। साथ ही कलश स्थापना भी किया गया। वहीं मंदिरों में माता के जयकारे से समूचा क्षेत्र धर्ममय बना रहा।
उधर, घर पर भी पूजा के साथ ही माता के मंदिरों और देवी स्थान पर भक्तों की भीड़ रही। महिलाओं ने पिन्नी का आयोजन किया और दोपहर में माता के छंद भी गाए। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शुक्रवार को सुबह से ही मंदिरों के पट खुलते ही भक्तों की कतार लग गई। शंख, घंटे-घडिय़ाल की ध्वनि के बीच मां के जयकारे लगाते हुए भक्तों ने मां को पुष्प, नारियल, शृंगार सामग्री व गोघृत, लौंग, फल चढ़ाकर कपूर की बाती से पूजा-अर्चना की।
मंदिरों व देवी स्थान पर पूजन से पहले भक्तों ने प्रात:काल घर पर कलश की स्थापना की। विधिवत पूजन कर मां का आह्वान किया। नगर के प्राचीन श्री दुर्गा शक्तिपीठ मंदिर, माई का थान, मंदिर वाली गली, हरिहर मंदिर, मनोकामना मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में पूरे दिन भक्तों की भीड़ लगी रही। भक्तों ने पूजन कर कन्याओं से आशीर्वाद भी लिया।
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वहीं, स्वार में गीता मंदिर, बड़ा शिव मंदिर, सैनी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, देवियोें के थान, हनुमान मंदिर को भी बिजली की झालरोें से सजाया गया। उधर नगर के पंजाबी कालोनी स्थित गीता मंदिर में नौ दिन के लिये स्थापित पवित्र ज्वालाजी ज्योति के दर्शनों को पहले दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वहीं, बिलासपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने घट की स्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। साथ ही लोगों ने उपवास रखकर माता की स्तुति की।
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उधर, घर पर भी पूजा के साथ ही माता के मंदिरों और देवी स्थान पर भक्तों की भीड़ रही। महिलाओं ने पिन्नी का आयोजन किया और दोपहर में माता के छंद भी गाए। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शुक्रवार को सुबह से ही मंदिरों के पट खुलते ही भक्तों की कतार लग गई। शंख, घंटे-घडिय़ाल की ध्वनि के बीच मां के जयकारे लगाते हुए भक्तों ने मां को पुष्प, नारियल, शृंगार सामग्री व गोघृत, लौंग, फल चढ़ाकर कपूर की बाती से पूजा-अर्चना की।
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मंदिरों व देवी स्थान पर पूजन से पहले भक्तों ने प्रात:काल घर पर कलश की स्थापना की। विधिवत पूजन कर मां का आह्वान किया। नगर के प्राचीन श्री दुर्गा शक्तिपीठ मंदिर, माई का थान, मंदिर वाली गली, हरिहर मंदिर, मनोकामना मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में पूरे दिन भक्तों की भीड़ लगी रही। भक्तों ने पूजन कर कन्याओं से आशीर्वाद भी लिया।
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वहीं, स्वार में गीता मंदिर, बड़ा शिव मंदिर, सैनी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, देवियोें के थान, हनुमान मंदिर को भी बिजली की झालरोें से सजाया गया। उधर नगर के पंजाबी कालोनी स्थित गीता मंदिर में नौ दिन के लिये स्थापित पवित्र ज्वालाजी ज्योति के दर्शनों को पहले दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वहीं, बिलासपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने घट की स्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। साथ ही लोगों ने उपवास रखकर माता की स्तुति की।