रामपुर: मुख्तार अब्बास नकवी ने किया ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन, बोले- सावधानी से ही कोरोना के कहर से बचाव संभव
नकवी ने कहा कि रेडिको खेतान द्वारा 6 मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट बिलासपुर (रामपुर), बिल्हौर (कानपूर), भगवंतपुर (प्रयागराज), महोबा (महोबा), मंझनपुर (कौशाम्बी) एवं मानिकपुर (चित्रकूट) में लगे हैं।
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केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का असर दिखने लगा है, देश भर में 'पीएम केयर' के तहत 15 सौ से ज्यादा मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लग गए हैं या लगाए जा रहे हैं।
नकवी ने रेडिको खेतान द्वारा उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों में लगे 30 घन मीटर प्रतिघंटा उत्पादन वाले 6 मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट में से एक का रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिलासपुर में शुभारंभ किया। नकवी ने कहा कि रेडिको खेतान द्वारा 6 मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट बिलासपुर (रामपुर), बिल्हौर (कानपूर), भगवंतपुर (प्रयागराज), महोबा (महोबा), मंझनपुर (कौशाम्बी) एवं मानिकपुर (चित्रकूट) में लगे हैं।
नकवी ने कहा कि सरकार का भरपूर सुविधा-संसाधन एवं समाज की सावधानी-संयम ही कोरोना के कहर से देश को मुक्ति दिला सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी लोगों की सेहत-सलामती के संकल्प का नतीजा है कि आज भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पहले से सुविधा संपन्न देशों के मुकाबले मजबूती से इस आपदा से बाहर निकल रहा है।
नकवी ने कहा कि 2020 में जब कोरोना की पहली लहर भारत में आई थी तब कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे। कोरोना महामारी की शुरुआत के लगभग एक वर्ष के अंदर ही भारत कोरोना टेस्टिंग किट, डेडिकेटेड कोरोना अस्पताल, डेडिकेटेड कोरोना हेल्थ सेंटर, आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड, एन-95 मास्क का उत्पादन, पीपीई किट का निर्माण, मेडिकल ऑक्सीजन, वेंटीलेटर का उत्पादन हो, वैक्सीन हो, भारत आत्मनिर्भर हो गया है।
जनवरी 2020 से पहले लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन मात्र 900 मीट्रिक टन प्रतिदिन था, जो मात्र कुछ महीनों में ही बढ़ कर प्रतिदिन 9000 मीट्रिक टन से ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि आज देश भर में 80 हजार से ज्यादा वैक्सीनेशन सेंटर चल रहे हैं। अब तक 18 वर्ष से अधिक उम्र के 40 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है।
भारत में 2624 से ज्यादा कोरोना टेस्टिंग लैब हैं, जिनमे 44 करोड़ 20 लाख से ज्यादा लोगों के कोरोना टेस्ट हो चुके हैं, औसतन 20 लाख से ज्यादा लोगों के प्रतिदिन टेस्ट हो रहे हैं। भारत में ही प्रतिदिन 12 लाख से ज्यादा कोरोना टेस्टिंग किट का उत्पादन हो रहा है।
इन एक वर्षों में देश भर में 2 हजार से ज्यादा डेडिकेटेड कोरोना अस्पताल तैयार हुए, 4 हजार से ज्यादा डेडिकेटेड कोरोना हेल्थ सेंटर, लगभग 13 हजार कोरोना केयर सेंटर हैं। जहां 2020 की शुरुआत में मात्र 10 हजार आइसोलेशन बेड (ऑक्सीजन रहित/ऑक्सीजन सहित) थे, वहीँ अब बढ़ कर 15 लाख से अधिक हो गए हैं। पहले मात्र 2 हजार आईसीयू बेड थे, वहीँ अब बढ़ कर 85 हजार से अधिक हो गए हैं। देश भर में 20,000 आईसीयू बिस्तर बढ़ाये जा रहे हैं, जिनमें से 20 प्रतिशत बाल चिकित्सा आईसीयू बिस्तर होंगे।
नकवी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के स्वास्थ्य पैकेज को स्वीकृति दी गई है। सभी 736 जिलों में बाल चिकित्सा इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। प्रत्येक जिले में मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम की एक इकाई लगायी जा रही है। नकवी ने कहा कि भारत में ही प्रतिदिन 5 लाख से अधिक स्वदेशी एन-95 मास्क का उत्पादन हो रहा है। भारत में ही 5 लाख से अधिक पीपीई किट का प्रतिदिन निर्माण हो रहा है। देश में अब 4 लाख से ज्यादा वेंटीलेटर का प्रतिवर्ष उत्पादन हो रहा है।
नकवी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा कोरोना की चुनौतियों के दौरान 80 करोड़ लोगों को एक वर्ष से ज्यादा समय तक मुफ्त अनाज दिया गया। इसे जारी रखते हुए 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत पुनः 80 करोड़ जरूरतमंदों को प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो निशुल्क अनाज दिया जा रहा है। संकट के समय 8 करोड़ परिवारों को निशुल्क गैस सिलिंडर दिया गया है।
20 करोड़ महिलाओं के जन धन खाते में 1500 रुपये दिए गए हैं। किसान सम्मान निधि का लाभ 10 करोड़ से अधिक किसानों को दिया गया है। 'आत्मनिर्भर भारत' पैकेज के तहत एक लाख करोड़ रुपये से समाज के सभी वर्गों को संकट के समय मदद की गई है।