सीएम योगी आदित्यानाथ की सरकार में जलशक्ति राज्यमंत्री बलेदव सिंह औलख भले ही चुनाव जीत गए हों, लेकिन उनकी जीत की यह राह आसान नहीं रही। एक वक्त को ऐसा भी आया, जब वह करीब 23 हजार वोटों से पिछड़ गए, लेकिन 20 से लेकर 30 तक के चक्रों में उन्होंने इस अंतर को कम कर लिया और वह 307 वोटों से चुनाव जीतने में कामयाब रहे। इस जीत के साथ वह दूसरी बार विधायक बने हैं। उन्होंने जीतने के बाद गुरुद्वारे में जाकर माथा टेका और फिर रठौंडा शिव मंदिर में जलाभिषेक किया।
2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से सिख चेहरे अमरजीत सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था। सपा को उम्मीद थी कि किसान आंदोलन की वजह से भाजपा के विरोध में लहर है। इसकी वजह यह थी कि बिलासपुर क्षेत्र के किसानों ने किसान आंदोलन में बढ़चढ़कर भाग लिया था। हालांकि, भाजपा ने अपने पुराने सिख चेहरे बलदेव सिंह औलख को ही चुनाव मैदान में उतार दिया। गुरुवार को मतगणना के दौरान इन सभी कारणों का असर नजर आया। हालांकि, शुरुआती तीन चक्रों में बलदेव सिंह औलख आगे रहे, लेकिन इसके बाद 17 चक्रों में सपा प्रत्याशी अमरजीत सिंह ने बढ़त बना ली। सपा की बढ़त भी करीब 22877 मतों की हो चुकी थी, जिसके बाद माना जा रहा था कि अब जीत की राह मुश्किल है। क्योंकि, सिर्फ 13 चक्र बचे थे। जिसमें सपा को अच्छा वोट मिलने की उम्मीद थी। लेकिन मिलक तहसील के गांवों से सपा को मायूसी मिली और उतने वोट नहीं मिले। बलदेव सिंह औलख ने 20वें चक्र से लेकर 30वें चक्र तक सपा प्रत्याशी की बढ़त को खत्म कर दिया और 385 वोटों से आगे हो गए। इसके बाद सिर्फ एक ही चक्र बचा था, जिसमें सपा प्रत्याशी को 54 वोट अधिक मिले थे। इस तरह बलदेव औलख 307 वोटों से चुनाव जीतने में कामयाब हो गए।