मनसा देवी भगदड़: भीड़ दौड़ते आई और रौंदते चली गई, रामपुर के तीन युवकों की मौत, चश्मदीद ने बताई आंखों देखी
हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर रविवार को भगदड़ मचने से रामपुर के तीन युवकों समेत आठ की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर रामपुर में शोक की लहर दौड़ गई। तीनों युवकों के परिजन हरिद्वार पहुंच चुके हैं। चश्मदीद ने बताया कि भगदड़ मचने के बाद भीड़ एक दूसरे को रौंदते हुए आगे निकल गई।
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हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार को मची भगदड़ में रामपुर के तीन युवकों की मौत जबकि दो लोग घायल हो गए। सभी हरिद्वार में गंगाजल लेने गए थे। जान गंवाने वालों में विक्की सैनी(20),विपिन सैनी और विशाल (22) शामिल हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित मनसा देवी मंदिर में भगदड़ में आठ लोगों की मौत हो गई।
इनमें रामपुर के तीन युवक शामिल हैं। हरिद्वार से जल लेने के बाद सभी मनसा देवी मंदिर में दर्शन के लिए गए थे। हादसे के शिकार लोगों में बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नगरिया कला के मजरा निवासी मुनीम टीकाराम सैनी का 20 साल का बेटा विक्की सैनी है। वह गुरु तेग बहादुर साहब राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में द्वितीय वर्ष का छात्र था।
विक्की शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे अपने चचेरे भाई सचिन पुत्र गोविंद राम के साथ कांवड़ का जल लेने के लिए बाइक से हरिद्वार गया था। उसके साथ ही अजीमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरगंज निवासी हलवाई का काम करने वाला फुफेरा भाई विपिन सैनी व जय किशन सैनी भी बाइक से साथ गए थे।
घायल जयकिशन के अनुसार रविवार की वह चारों लोग प्रसाद चढ़ाने के लिए भीड़ के बीच मनसा देवी मंदिर जा रहे थे। इस बीच भगदड़ मचने के बाद अचानक भीड़ आई और सभी को रौंदते हुए चलती रही। इसमें विक्की, जय किशन, सचिन, विपिन दब गए। घायल सचिन ने किसी तरह जय किशन को खींचकर घायल अवस्था में बचाया। विक्की और विपिन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
सभी को हरिद्वार के जिला अस्पताल भेजा गया। जय किशन ने करीब नौ बजे फोन करके घटना की सूचना अपने व विक्की के परिजनों को दी। परिजनों को जय किशन ने बताया कि हादसे में विक्की और विपिन की मृत्यु हो चुकी है और वह दोनों घायल हैं। घटना के बाद चारों परिवारों के लोग तुरंत ही हरिद्वार के लिए रवाना हो गए।
कोतवाली पुलिस ने भी विक्की के घर पहुंच कर घटना की जानकारी ली। ग्राम प्रधान सविता देवी व चौधरी लोकेंद्र सिंह ने घर पहुंचकर घटना की असलियत जानी।कोतवाली प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि मृतक के परिजन शव लेने के लिए हरिद्वार रवाना हो गए हैं।
काश जय किशन की बात मानी होती
हरिद्वार हादसे के चश्मदीद ग्राम मुरसैना निवासी जय किशन ने फोन पर बताया कि सुबह करीब आठ बजे से ही विक्की, विपिन, सचिन जल्दी मनसा देवी चलने को कह रह थे। वह सभी से कह रहा था कि अभी बहुत भीड़ है, लेकिन कोई नहीं माना। इसके बाद सभी मनसा देवी के दर्शन के लिए जाने लगे। इसके बाद भगदड़ में विक्की व विपिन की जान चली गई और वह व सचिन घायल हो गए।
परिजनों के मना करने पर भी जबरन हरिद्वार गया था विक्की
ग्राम नगरिया कला के मजरा निवासी विक्की तहेरे भाई धर्मपाल सैनी आदि ने बताया कि शुक्रवार की शाम विक्की अपने चचेरे भाई सचिन के साथ जब हरिद्वार जाने की तैयारी कर रहा तो उसके माता-पिता व परिवार के अन्य लोगों ने भी मना किया था। उन्होंने कहा कि चार दिन के बाद उनके मोहल्ले से 80 लोगों का जब जत्था जाएगा तब वह उनके साथ जल लेने के लिए हरिद्वार चला जाए, लेकिन वह नहीं माना और बाइक से चला गया।
सचिन की भी जा सकती थी जान
हादसे में घायल घटना के चश्मदीद जय किशन ने बताया कि भगदड़ के दौरान वह चारों युवक दब गए थे। उसने अपने पास ही सचिन को भी जब गंभीर हालत में तड़पते देखा तो किसी तरह सचिन को खींचकर भीड़ से बाहर निकाला। अगर वह सचिन को भीड़ से तुरंत बाहर नहीं निकालता तो उसकी भी जान जा सकती थी।
कई घंटे परिजनों को नहीं दी विक्की की मौत जानकारी
ग्राम नगरिया कला के विक्की सैनी की हादसे में हुई मौत की सूचना उसके पिता टीकाराम सैनी को सुबह नौ बजे मिली। उन्होंने विक्की के मरने की की सूचना अपनी पत्नी शकुंतला देवी व परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं दी।
हादसे में विक्की व सचिन के घायल होने की बात कहते हुए टीकाराम पड़ोस के लोगों को लेकर हरिद्वार चले गए। कई घंटे तक परिवार के लोग विक्की की मृत्यु की सूचना से अंजान रहे। शाम को लोगों ने बताया तो परिवार के लोग विलाप करने लगे।
चार बहन-भाइयों में सबसे छोटा था विक्की
ग्राम नगरिया कला के मजरा निवासी टीकाराम सैनी का पुत्र विक्की सैनी बीए का छात्र था और वह चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मां व बहने रोते हुए अपने लाडले विक्की को याद करते हुए विलाप कर रहीं थीं।