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बेबस आंखों से सामने जल गई जिंदगी भर की कमाई
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पंकज गांगटा
कोटखाई (रोहडू़)। रामनगर पंचायत के गांव फनैल में हुए अग्निकांड ने सात परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। इस अग्निकांड में जहां एक बुजुर्ग महिला जिंदा जल गई तो वहीं सात परिवारों के घरों के साथ सारा सामान जलकर राख हो गया है। नियति देखिए लोगों के सामने उनके घर और जिंदगी भर की कमाई जलकर राख हो गई थी। मगर आग की भयंकर लपटों के आगे वह चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए।
आग बुझने के बाद घरों राख के ढेर में तब्दील हो गए थे। घरों के बचे अवशेष से भी बुधवार को धुआं उठता रहा। इस दौरान लोग आग में बुजुर्ग महिला की अस्थियां तलाश करते रहे। मगर अंगारों के बीच यह करना मुश्किल हो गया। लोगों का कहना है कि जब तक बुजुर्ग महिला की अस्थियां नहीं मिलती, डोम देवता की पूजा नहीं होगी।
जानकारी के मुताबिक आग लगने की सूचना सबसे पहले प्रभु दयाल को लगी। वह उस समय सो रहे थे। इस दौरान उन्हें घुटन महसूस हुई तो उनकी नींद खुली। बाहर आकर देखा तो मकान में आग की लपटें चारो ओर से उठ रही थी। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले आसपास के घरों में सोये लोगों को शोर मचाकर जगाया। इसकी भनक लगते ही लोग बच्चों को लेकर बाहर की ओर भागे। तब तक आग आसपास के मकानों में भी फैल चुकी थी।
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यह मंजर देखकर लोगों भावुक हो गए। बेबसी यह थी कि उनकी आंखों के सामने ही उनके घर और जिंदगी भर की मेहनत से कमाई जमा पूंजी और सामान जलकर राख हो रहा था। मगर इसके आगे वह कुछ नहीं कर पा रहे थे। हालांकि लोगों ने पावर स्प्रेयर और बाल्टियों में पानी भरकर आग को बुझाने का हर संभव प्रयास किया। मगर लकड़ी के बने मकानों में आग इतनी अधिक फैल चुकी थी कि उसे बुझाने के सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए। देखते ही देखते सात मकान जलकर राख हो गए।
अग्निकांड में 75 वर्षीय विमला देवी की जलकर मौत हो गई है। अगर दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत से आग पर समय रहते काबू नहीं पाया होता तो पूरा गांव राख के ढेर में तब्दील हो सकता था। जिला परिषद सदस्य कलबोग वार्ड अनिल कालटा ने कहा कोटखाई में आए दिन घरों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुछ दिन पहले थरोला गांव में 15 परिवार वाले अग्निकांड में बेघर हो गए थे।
अब रामनगर पंचायत के फनैल गांव के सात परिवार बेघर हो गए हैं। इस अग्निकांड में सबसे दुखद घटना 75 वर्षीय विमला देवी जिंदा जल गई है। विमला देवी अपने मकान में अकेली रहती थी। जबकि उनका बेटा हिमरी गांव में रहता है। परिवार वाले इस दुखद घटना से सदमे में हैं। वहीं दमकल विभाग भी मौके पर सुलगते हुए अंगारों को बुझाने का प्रयास कर रहा है।
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कोटखाई (रोहडू़)। रामनगर पंचायत के गांव फनैल में हुए अग्निकांड ने सात परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। इस अग्निकांड में जहां एक बुजुर्ग महिला जिंदा जल गई तो वहीं सात परिवारों के घरों के साथ सारा सामान जलकर राख हो गया है। नियति देखिए लोगों के सामने उनके घर और जिंदगी भर की कमाई जलकर राख हो गई थी। मगर आग की भयंकर लपटों के आगे वह चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए।
आग बुझने के बाद घरों राख के ढेर में तब्दील हो गए थे। घरों के बचे अवशेष से भी बुधवार को धुआं उठता रहा। इस दौरान लोग आग में बुजुर्ग महिला की अस्थियां तलाश करते रहे। मगर अंगारों के बीच यह करना मुश्किल हो गया। लोगों का कहना है कि जब तक बुजुर्ग महिला की अस्थियां नहीं मिलती, डोम देवता की पूजा नहीं होगी।
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जानकारी के मुताबिक आग लगने की सूचना सबसे पहले प्रभु दयाल को लगी। वह उस समय सो रहे थे। इस दौरान उन्हें घुटन महसूस हुई तो उनकी नींद खुली। बाहर आकर देखा तो मकान में आग की लपटें चारो ओर से उठ रही थी। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले आसपास के घरों में सोये लोगों को शोर मचाकर जगाया। इसकी भनक लगते ही लोग बच्चों को लेकर बाहर की ओर भागे। तब तक आग आसपास के मकानों में भी फैल चुकी थी।
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यह मंजर देखकर लोगों भावुक हो गए। बेबसी यह थी कि उनकी आंखों के सामने ही उनके घर और जिंदगी भर की मेहनत से कमाई जमा पूंजी और सामान जलकर राख हो रहा था। मगर इसके आगे वह कुछ नहीं कर पा रहे थे। हालांकि लोगों ने पावर स्प्रेयर और बाल्टियों में पानी भरकर आग को बुझाने का हर संभव प्रयास किया। मगर लकड़ी के बने मकानों में आग इतनी अधिक फैल चुकी थी कि उसे बुझाने के सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए। देखते ही देखते सात मकान जलकर राख हो गए।
अग्निकांड में 75 वर्षीय विमला देवी की जलकर मौत हो गई है। अगर दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत से आग पर समय रहते काबू नहीं पाया होता तो पूरा गांव राख के ढेर में तब्दील हो सकता था। जिला परिषद सदस्य कलबोग वार्ड अनिल कालटा ने कहा कोटखाई में आए दिन घरों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुछ दिन पहले थरोला गांव में 15 परिवार वाले अग्निकांड में बेघर हो गए थे।
अब रामनगर पंचायत के फनैल गांव के सात परिवार बेघर हो गए हैं। इस अग्निकांड में सबसे दुखद घटना 75 वर्षीय विमला देवी जिंदा जल गई है। विमला देवी अपने मकान में अकेली रहती थी। जबकि उनका बेटा हिमरी गांव में रहता है। परिवार वाले इस दुखद घटना से सदमे में हैं। वहीं दमकल विभाग भी मौके पर सुलगते हुए अंगारों को बुझाने का प्रयास कर रहा है।