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आशियाना बचाने को ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम, नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो/ भोट/रामपुर
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:40 AM IST
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रामपुर के भोट गांव में मंगलवार को मकान तोड़े जाने के विरोध में हाईवे पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। अमर उजाला
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भोट में आबादी के बीच से काठगोदाम हाईवे निकालने के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने भाकियू नेता के संग धरना दिया और हाईवे पर जाम लगा दिया। किसानों को मनाने पहुंचे नायब तहसीलदार को वापस लौटा दिया। इतना ही उन्हें ज्ञापन भी नहीं दिया। बाद में भाकियू भानू नेता के कहने पर जाम खोला।
भोट के ग्रामीण आशियाना बचाने को भाकियू भानु गुट के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद हनीफ वारसी के संग मंगलवार को धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि आबादी से हटाकर हाईवे निकाला जाए। फोरलेन में जिन किसानों की जमीन आ रही है, उन्हें 2016 के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। मोहम्मद हनीफ वारसी ने एलान किया कि जब तक ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं होगा उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच नायब तहसीलदार भी पहुंच गए। वह कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे सके तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
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ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों की शांत करने की कोशिश की पर वह नहीं माने। हनीफ वारसी ने जब समझाया तो ग्रामीण हाईवे से उठ गए। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने दोबारा हाईवे पर जाम लगा दिया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन देने से भी इनकार कर दिया। ग्रामीणों के रुख को देखकर नायब तहसीलदार को वापस लौटना पड़ा। दोबारा भाकियू नेता ने जाम खुलवाया। फैसला लिया कि 28 सितंबर को ग्रामीण डीएम से मिलेंगे। इस मौके पर दिलशाद पाशा, मुमताज हुसैन, रमेश कश्यप, फारूख प्रधान, नाजिम अली, मोहम्मद अहमद, जुल्फिकार थे।
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