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तिरंगे और इस्लामिक झंडों के साथ निकला जुलूस ए मोहम्मदी
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रामपुर। जिले भर में ईद मिलाद-उन-नबी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सरकार के निर्देशों के अनुसार कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन हुआ। मस्जिदों से लेकर घरों तक को लोगों ने झालरों से सजाया। जुुलूस-ए-मोहम्मदी में इस्लामिक झंडों के साथ ही युवा हाथों में तिरंगा भी लिए दिखाई दिए।
ईद-मिलाद उन नबी पर हर साल हजारों लोग जुलूस निकालकर जश्न मनाते हैं। इस बार कोरोना गाइडलाइन के अनुसार जुलूस निकाला गया। लोगों ने घरों में रंग-बिरंगी रोशनी की। नगर में जुलूस-ए-मोहम्मदी हाफिज साहब की दरगाह के सज्जादानशीन फरहत अहमद जमाली की अगुवाई में निकाला गया। जुलूस किला मैदान से जामा मस्जिद पहुंचा जहां पर दस्तारबंदी हुई। इसके बाद बर्तन बाजार होते हुए दोबारा हाफिज साहब की दरगाह पर पहुंचा। जुलूस में कारों में उलमा ए किराम भी सवार दिखे। चंद लोग ही जुलूस में शामिल रहे। उलमा ने भीड़ जुटने को मना किया था। जुलूस विभिन्न रास्तों से होकर हाफिज साहब की दरगाह पर पहुंचा और सलातो सलाम का नजराना पेश किया गया।
शाहबाद में जश्ने-ईद-मिलाद उन नबी का जुलूस 20 गाड़ियों की परमिशन के बाद पुलिस की देखरेख में निकला। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तिरंगे और इस्लामिक झंडों को लहराते हुए शांति पूर्वक जुलूस निकाला। जुलूस के अंत में मौलानाओं ने सलाम पेश करते हुए दुआ की। प्रशासन ने सीमित लोगों के साथ सशर्त जुुलूस-ए-मोहम्मदी के आयोजन की अनुुमति दी थी। शुक्रवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी पुराने जामिया तैबा के बिल्डिंग से शुरू होकर अपने पुराने रूट मोहल्ला सादात से गुजरकर रामपुर बस स्टैंड से होता हुआ चंदौसी चौराहा, बिलारी बस स्टैंड से होता हुआ अंदर मार्केट और कोतवाली से गुजरकर मस्जिद काजी पर पहुंचा। मस्जिद क़ाजी पर पहुंचकर जुलूस का समापन हुआ। इस दौरान जुलूस में लोगों के हाथों में तिरंगे के साथ इस्लामिक झंडा लिए हुए थे। भारी पुलिस प्रशासन की देखरेख में ये जुलूस संपन्न हुआ। जुलूस के अंत के बाद सभी मौलानाओं ने सलाम पेश किया और अमन चैन और देश के लिए दुआ की। इस दौरान जुलूस में मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही, मौलाना हसन रजा, मौलाना कारी उमर, कारी यूनुस, मुफ़्ती शमसुद्दीन, करी रईस, सूफ़ी फरमान, हाफिज शहवेज, कारी इरशाद, हाजी शरीफ अहमद, शेरा खान, हाजी मसरूर, फ़िरोज खान, डॉक्टर सालिम, शाहवाज कुरैशी, मोलाना आसिफ, फरमान अब्बासी, शाजमान मौजूद रहे। जबकि पुलिस प्रशासन की और से एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता, तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह, कोतवाल शिवचरन सिंह, क्राइम कोतवाल गुरुपाल सिंह, एसएसआई धर्मेंद्र सोलंकी सहित पीएसी और स्थानीय कोतवाली के सिपाही सुरक्षा की दृष्टि से साथ में रहे।
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पटवाई और शाहबाद में नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईद-मिलाद उन नबी से एक दिन पूर्व कस्बों और क्षेत्र में मस्जिदों को रोशन किया गया। इस त्योहार पर मस्जिदों और सजाया गया साथ ही लोगों ने घरों को भी सजाया। कोरोना में लोगों ने इस त्योहार पर भी घरों में रहकर अल्लाह के लिए इबादत की। मस्जिदों में मिलाद शरीफ़ का आयोजन भी किया गया। स्वार में भी सरकार की ओर से दी गई गाइड लाइन के तहत शहर इमाम मोहम्मद अहमद खतीबी की सदारत में नगर स्थित जामा मस्जिद में ईद मिलाद उन नबी मनाया गया। इस दौरान उलमा ने नबी के जीवन पर प्रकाश डाला और अपनी जिंदगी नबी के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
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ईद-मिलाद उन नबी पर हर साल हजारों लोग जुलूस निकालकर जश्न मनाते हैं। इस बार कोरोना गाइडलाइन के अनुसार जुलूस निकाला गया। लोगों ने घरों में रंग-बिरंगी रोशनी की। नगर में जुलूस-ए-मोहम्मदी हाफिज साहब की दरगाह के सज्जादानशीन फरहत अहमद जमाली की अगुवाई में निकाला गया। जुलूस किला मैदान से जामा मस्जिद पहुंचा जहां पर दस्तारबंदी हुई। इसके बाद बर्तन बाजार होते हुए दोबारा हाफिज साहब की दरगाह पर पहुंचा। जुलूस में कारों में उलमा ए किराम भी सवार दिखे। चंद लोग ही जुलूस में शामिल रहे। उलमा ने भीड़ जुटने को मना किया था। जुलूस विभिन्न रास्तों से होकर हाफिज साहब की दरगाह पर पहुंचा और सलातो सलाम का नजराना पेश किया गया।
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शाहबाद में जश्ने-ईद-मिलाद उन नबी का जुलूस 20 गाड़ियों की परमिशन के बाद पुलिस की देखरेख में निकला। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तिरंगे और इस्लामिक झंडों को लहराते हुए शांति पूर्वक जुलूस निकाला। जुलूस के अंत में मौलानाओं ने सलाम पेश करते हुए दुआ की। प्रशासन ने सीमित लोगों के साथ सशर्त जुुलूस-ए-मोहम्मदी के आयोजन की अनुुमति दी थी। शुक्रवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी पुराने जामिया तैबा के बिल्डिंग से शुरू होकर अपने पुराने रूट मोहल्ला सादात से गुजरकर रामपुर बस स्टैंड से होता हुआ चंदौसी चौराहा, बिलारी बस स्टैंड से होता हुआ अंदर मार्केट और कोतवाली से गुजरकर मस्जिद काजी पर पहुंचा। मस्जिद क़ाजी पर पहुंचकर जुलूस का समापन हुआ। इस दौरान जुलूस में लोगों के हाथों में तिरंगे के साथ इस्लामिक झंडा लिए हुए थे। भारी पुलिस प्रशासन की देखरेख में ये जुलूस संपन्न हुआ। जुलूस के अंत के बाद सभी मौलानाओं ने सलाम पेश किया और अमन चैन और देश के लिए दुआ की। इस दौरान जुलूस में मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही, मौलाना हसन रजा, मौलाना कारी उमर, कारी यूनुस, मुफ़्ती शमसुद्दीन, करी रईस, सूफ़ी फरमान, हाफिज शहवेज, कारी इरशाद, हाजी शरीफ अहमद, शेरा खान, हाजी मसरूर, फ़िरोज खान, डॉक्टर सालिम, शाहवाज कुरैशी, मोलाना आसिफ, फरमान अब्बासी, शाजमान मौजूद रहे। जबकि पुलिस प्रशासन की और से एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता, तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह, कोतवाल शिवचरन सिंह, क्राइम कोतवाल गुरुपाल सिंह, एसएसआई धर्मेंद्र सोलंकी सहित पीएसी और स्थानीय कोतवाली के सिपाही सुरक्षा की दृष्टि से साथ में रहे।
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पटवाई और शाहबाद में नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईद-मिलाद उन नबी से एक दिन पूर्व कस्बों और क्षेत्र में मस्जिदों को रोशन किया गया। इस त्योहार पर मस्जिदों और सजाया गया साथ ही लोगों ने घरों को भी सजाया। कोरोना में लोगों ने इस त्योहार पर भी घरों में रहकर अल्लाह के लिए इबादत की। मस्जिदों में मिलाद शरीफ़ का आयोजन भी किया गया। स्वार में भी सरकार की ओर से दी गई गाइड लाइन के तहत शहर इमाम मोहम्मद अहमद खतीबी की सदारत में नगर स्थित जामा मस्जिद में ईद मिलाद उन नबी मनाया गया। इस दौरान उलमा ने नबी के जीवन पर प्रकाश डाला और अपनी जिंदगी नबी के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।