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आईटीआई शाहबाद का भवन निर्माण अधूरा, डीएम ने दिए जांच के आदेश
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रामपुर। जिलाधिकारी ने जिले में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक की। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों को सभी नहरों की सफाई 15 दिसंबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही शाहबाद आईटीआई का भवन निर्माण पूरा न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। कमेटी के चार दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जिले में नहरों के माध्यम से बेहतर सिंचाई व्यवस्था के दृष्टिगत रजवाहे और माइनरों की सफाई कार्य के बारे में अधिशासी अभियंता नहर खंड सियाराम को निर्देशित किया कि वे 15 दिसंबर तक सभी चिह्नित 17 रजवाहे और 44 माइनरों पर सफाई कार्य पूर्ण कराते हुए 17 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से इस आशय का पत्र प्रेषित करें कि कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि टेल तक सफाई हो और नहर क्षेत्र के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को सिंचाई के लिए समय पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसमें किसी भी दशा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य पूर्ण होने के उपरांत कार्य की गुणवत्ता और स्थिति के बारे में भी जनपद स्तरीय अधिकारियों से सत्यापन कराया जाएगा और बेहतर तरीके से सफाई कार्य न होने की पुष्टि पर सख्त कार्रवाई भी होगी। उन्होंने जनपद में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक समीक्षा की। आईटीआई शाहबाद की बिल्डिंग निर्माण के लिए निर्धारित समय बीतने के एक साल बाद भी कार्य पूर्ण न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई और अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी एवं अधिशासी अभियंता जल निगम की संयुक्त टीम का गठन करते हुए निर्देशित किया कि वे स्थलीय निरीक्षण करके कार्य पूर्ण न होने के कारणों के बारे में चार दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रेषित करें। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण होने के लिए निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है, परंतु धनराशि की उपलब्धता के बावजूद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, तो उन सभी परियोजना प्रबंधकों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करें तथा निरीक्षण के लिए लगाए गए ऐसे अधिकारी, जिनकी निरीक्षण आख्या समय से प्राप्त नहीं हो रही है, उन्हें भी स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज सहित अधिशासी अभियंता एवं विभिन्न परियोजनाओं के प्रबंधक मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जिले में नहरों के माध्यम से बेहतर सिंचाई व्यवस्था के दृष्टिगत रजवाहे और माइनरों की सफाई कार्य के बारे में अधिशासी अभियंता नहर खंड सियाराम को निर्देशित किया कि वे 15 दिसंबर तक सभी चिह्नित 17 रजवाहे और 44 माइनरों पर सफाई कार्य पूर्ण कराते हुए 17 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से इस आशय का पत्र प्रेषित करें कि कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि टेल तक सफाई हो और नहर क्षेत्र के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को सिंचाई के लिए समय पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसमें किसी भी दशा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य पूर्ण होने के उपरांत कार्य की गुणवत्ता और स्थिति के बारे में भी जनपद स्तरीय अधिकारियों से सत्यापन कराया जाएगा और बेहतर तरीके से सफाई कार्य न होने की पुष्टि पर सख्त कार्रवाई भी होगी। उन्होंने जनपद में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक समीक्षा की। आईटीआई शाहबाद की बिल्डिंग निर्माण के लिए निर्धारित समय बीतने के एक साल बाद भी कार्य पूर्ण न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई और अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी एवं अधिशासी अभियंता जल निगम की संयुक्त टीम का गठन करते हुए निर्देशित किया कि वे स्थलीय निरीक्षण करके कार्य पूर्ण न होने के कारणों के बारे में चार दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रेषित करें। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण होने के लिए निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है, परंतु धनराशि की उपलब्धता के बावजूद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, तो उन सभी परियोजना प्रबंधकों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करें तथा निरीक्षण के लिए लगाए गए ऐसे अधिकारी, जिनकी निरीक्षण आख्या समय से प्राप्त नहीं हो रही है, उन्हें भी स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज सहित अधिशासी अभियंता एवं विभिन्न परियोजनाओं के प्रबंधक मौजूद रहे।
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