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Rampur News: साइबर ठगी का अंतरराज्यीय गैंग रोडवेज से लाता था सिम
Tue, 25 Nov 2025 02:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 25 Nov 2025 02:37 AM IST
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रामपुर। सिविल लाइंस थाने क्षेत्र में साइबर ठगी में पकड़ा गैंग दिल्ली और कानपुर से सिम, बैंक की पासबुक, चेकबुक और एटीएम मंगाता था। इसके लिए वह रोडवेज बसों का प्रयोग करता था। पुलिस ने इस मामले में रोडवेज के कई चालक-परिचालकों से पूछताछ की है। इसके अलावा पुलिस ने 168 खाते में 25 लाख फ्रीज कराए हैं।
थाना सिविल लाइन और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने 26 अक्तूबर को मोहल्ला मैगजीन फव्वारे के पास एक मकान में छापा मारकर आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें रामपुर, उत्तराखंड और बिहार के लोग शामिल थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सलमान के लिए काम करते थे। सलमान तेलगांना, हैदराबाद, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ से सिम, मोबाइल, एटीएम और बैंक अकाउंट का इंतजाम करता था। वह साइबर ठगी के पैसों से अपने रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति और वाहन खरीदता था।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गैंग रोडवेज के चालक-परिचालकों की मदद से सिम और पासबुक मंगाता था। पांच बार कानपुर और आठ से अधिक बार दिल्ली से सिम, एटीएम मंगाए गए थे।
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एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि इनके साथी पैकेट में सिम, एटीएम रखकर दिल्ली और कानपुर में रोडवेज के चालकों को दे देते थे। पार्सल पहुंचाने के एवज 200 से 250 रुपये लिए जाते थे। बताया कि पार्सल में एक नंबर लिखा रहता था। जैसे बस चालक रामपुर पहुंचते तो वह कॉल कर उस व्यक्ति को बुला लेते थे। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने अभी तक 168 खाते में 25 लाख कराए फ्रीज कराए हैं। कहा कि जांच में सामने आया है कि रामपुर से पांच करोड़ रुपये ठगी की रकम इधर-उधर की है।
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थाना सिविल लाइन और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने 26 अक्तूबर को मोहल्ला मैगजीन फव्वारे के पास एक मकान में छापा मारकर आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें रामपुर, उत्तराखंड और बिहार के लोग शामिल थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सलमान के लिए काम करते थे। सलमान तेलगांना, हैदराबाद, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ से सिम, मोबाइल, एटीएम और बैंक अकाउंट का इंतजाम करता था। वह साइबर ठगी के पैसों से अपने रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति और वाहन खरीदता था।
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पुलिस की जांच में सामने आया कि गैंग रोडवेज के चालक-परिचालकों की मदद से सिम और पासबुक मंगाता था। पांच बार कानपुर और आठ से अधिक बार दिल्ली से सिम, एटीएम मंगाए गए थे।
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एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि इनके साथी पैकेट में सिम, एटीएम रखकर दिल्ली और कानपुर में रोडवेज के चालकों को दे देते थे। पार्सल पहुंचाने के एवज 200 से 250 रुपये लिए जाते थे। बताया कि पार्सल में एक नंबर लिखा रहता था। जैसे बस चालक रामपुर पहुंचते तो वह कॉल कर उस व्यक्ति को बुला लेते थे। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने अभी तक 168 खाते में 25 लाख कराए फ्रीज कराए हैं। कहा कि जांच में सामने आया है कि रामपुर से पांच करोड़ रुपये ठगी की रकम इधर-उधर की है।