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Rampur News: पार्क ग्रुप के चिकित्सक दंपती और कारोबारी के आवास-प्रतिष्ठानों पर पहुंचीं आयकर की टीमें
Tue, 13 Oct 2026 02:49 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:49 AM IST
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बिलासपुर। आयकर विभाग की कई टीमों ने सोमवार की सुबह करीब छह बजे सीआरपीएफ के साथ कोतवाली क्षेत्र की बत्रा कॉलोनी व रुद्रपुर में बड़ी कार्रवाई की। टीमों ने उत्तराखंड सीमा से सटे कोतवाली क्षेत्र की बत्रा कॉलोनी में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े पार्क ग्रुप के संचालकों के आवासों पर अलग-अलग दबिश देकर दिनभर जांच पड़ताल की।
आयकर विभाग के अधिकारियों की अलग-अलग टीमें पार्क ग्रुप से जुड़े रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल और अस्पताल के संचालक दीपक छाबड़ा व उनकी पत्नी अंजू छाबड़ा, प्रसिद्ध उद्योगपति रोहतास कुमार बत्रा के बत्रा कॉलोनी स्थित आवासों पर पहुंचीं। लोगों का कहना है कि टीम ने रोहतास बत्रा को मॉर्निंग वॉक के दौरान पूछताछ के लिए रोक लिया, वहीं दीपक छाबड़ा को जिम करते वक्त रुद्रपुर से अपने साथ ले लिया। कार्रवाई के चलते पूरे दिन बत्रा कॉलोनी में सन्नाटा पसरा रहा। बताया जाता है कि सूचना मिलने पर रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा और उत्तराखंड के दर्जाधारी राज्य मंत्री सुरेश कोली भी जानकारी लेने बत्रा कॉलोनी स्थित रोहतास बत्रा और दीपक छाबड़ा के आवासों पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने सोमवार सुबह से ही पार्क संस्था के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि प्रदेशों में स्थापित प्रतिष्ठानों व जुड़े लोगों के आवासों पर जांच के लिए छापामार कार्रवाई की है। बताया जा रहा कि पिछले दिनों रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल के संचालकों ने करीब 177 करोड़ रुपये में अस्पताल पार्क ग्रुप को बेचा था। इसके बाद अस्पताल संचालकों ने पार्क ग्रुप में अपनी पार्टनरशिप कर ली थी। अब अधिकारियों की टीमें अस्पताल से जुड़े संचालकों और रुद्रपुर में उनके बैंक खातों को खंगालने में लगी हैं।
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आयकर टीम ने इस्तेमाल कीं अधिकतर हरियाणा नंबर की गाड़ियां
छापामार कार्रवाई के लिए अधिकारी 20 से अधिक गाड़ियों में आए थे, उनमें अधिकतर गाड़ियां हरियाणा नंबर की थीं। सुबह-सुबह हरियाणा नंबर की गाड़ियों के काफिले को देखकर कॉलोनीवासी भी हैरत में पड़ गए। लोग आपस में चर्चा जरूर कर रहे थे, लेकिन कैमरे और अधिकारियों के सामने कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। पूरे दिन कॉलोनी में सन्नाटा पसरा रहा। पूरी छापामार कार्रवाई सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की गई। जवानों ने आवासों के बाहर व चारों तरफ से घेरा बना रखा था और किसी को भी अंदर व बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
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आयकर विभाग के अधिकारियों की अलग-अलग टीमें पार्क ग्रुप से जुड़े रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल और अस्पताल के संचालक दीपक छाबड़ा व उनकी पत्नी अंजू छाबड़ा, प्रसिद्ध उद्योगपति रोहतास कुमार बत्रा के बत्रा कॉलोनी स्थित आवासों पर पहुंचीं। लोगों का कहना है कि टीम ने रोहतास बत्रा को मॉर्निंग वॉक के दौरान पूछताछ के लिए रोक लिया, वहीं दीपक छाबड़ा को जिम करते वक्त रुद्रपुर से अपने साथ ले लिया। कार्रवाई के चलते पूरे दिन बत्रा कॉलोनी में सन्नाटा पसरा रहा। बताया जाता है कि सूचना मिलने पर रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा और उत्तराखंड के दर्जाधारी राज्य मंत्री सुरेश कोली भी जानकारी लेने बत्रा कॉलोनी स्थित रोहतास बत्रा और दीपक छाबड़ा के आवासों पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
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सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने सोमवार सुबह से ही पार्क संस्था के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि प्रदेशों में स्थापित प्रतिष्ठानों व जुड़े लोगों के आवासों पर जांच के लिए छापामार कार्रवाई की है। बताया जा रहा कि पिछले दिनों रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल के संचालकों ने करीब 177 करोड़ रुपये में अस्पताल पार्क ग्रुप को बेचा था। इसके बाद अस्पताल संचालकों ने पार्क ग्रुप में अपनी पार्टनरशिप कर ली थी। अब अधिकारियों की टीमें अस्पताल से जुड़े संचालकों और रुद्रपुर में उनके बैंक खातों को खंगालने में लगी हैं।
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आयकर टीम ने इस्तेमाल कीं अधिकतर हरियाणा नंबर की गाड़ियां
छापामार कार्रवाई के लिए अधिकारी 20 से अधिक गाड़ियों में आए थे, उनमें अधिकतर गाड़ियां हरियाणा नंबर की थीं। सुबह-सुबह हरियाणा नंबर की गाड़ियों के काफिले को देखकर कॉलोनीवासी भी हैरत में पड़ गए। लोग आपस में चर्चा जरूर कर रहे थे, लेकिन कैमरे और अधिकारियों के सामने कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। पूरे दिन कॉलोनी में सन्नाटा पसरा रहा। पूरी छापामार कार्रवाई सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की गई। जवानों ने आवासों के बाहर व चारों तरफ से घेरा बना रखा था और किसी को भी अंदर व बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।