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Rampur News: दूर किए गिले-शिकवे... फिर महका आशियाना
Sun, 13 Sep 2026 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:04 AM IST
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रामपुर। आपसी विवादों के कारण बिखराव की कगार पर पहुंचे पति-पत्नी के 18 जोड़े लोक अदालत के जरिये फिर स्नेह के बंधन में बंध गए हैं। अदालती समझौते के बाद सालों से अलग रह रहे दंपतियों ने गिले-शिकवे भुलाकर एक साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया। जजों और काउंसलर्स की सूझबूझ से हुए इन समझौतों ने साबित कर दिया कि अदालतें सिर्फ सजा नहीं, बल्कि बिखरते आशियानों को भी बसा सकती हैं।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष भानु देव शर्मा, डीएम अजय कुमार द्विवेदी और एसपी अनिल कुमार सिसोदिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। लोक अदालत में विभिन्न विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से जुड़े 94,379 मामलों तथा दीवानी न्यायालयों के 9,365 वादों का निस्तारण किया गया। कुल 1,03,744 मामलों का निस्तारण हुआ।
परिवार न्यायालय में 27 वैवाहिक मामलों और धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता से जुड़े 78 वादों का निस्तारण हुआ। इनमें 18 मामले ऐसे थे, जिनमें पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि वैवाहिक संबंध टूटने की स्थिति में पहुंच चुके थे। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों को साथ बैठाकर उनकी बात सुनी और आपसी मतभेद दूर करने के लिए समझाया। बातचीत के बाद दंपतियों ने पुराने विवाद भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। इसके बाद 18 दंपतियों ने एक-दूसरे को फूलमाला पहनाकर नए सिरे से साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया।
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60 दुर्घटना वादों में 6.63 करोड़ की क्षतिपूर्ति
लोक अदालत में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी विष्णु चंद्र वैश्य ने 60 मोटर दुर्घटना वादों का भी निस्तारण किया गया। दुर्घटनाओं में मृतकों और घायलों के आश्रितों को कुल 6 करोड़ 63 लाख 76 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। इसके अलावा कलक्ट्रेट न्यायालय, कैनाल मजिस्ट्रेट, बाट-माप, आबकारी, एआरटीओ, श्रम, नगर निकाय, विद्युत, उपभोक्ता, कृषि, जिला पंचायत, पूर्ति, समाज कल्याण, महिला कल्याण, चिकित्सा, ग्रामोद्योग, बैंक और वित्तीय संस्थाओं से संबंधित मामलों का भी निस्तारण हुआ। जनपद न्यायाधीश और डीएम ने विभिन्न विभागों एवं बैंकों की ओर से लगाए गए शिविरों का निरीक्षण कर वादकारियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी अजय कुमार दीक्षित, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुपमा सिंह, सचिव संदीप सिंह समेत न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष भानु देव शर्मा, डीएम अजय कुमार द्विवेदी और एसपी अनिल कुमार सिसोदिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। लोक अदालत में विभिन्न विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से जुड़े 94,379 मामलों तथा दीवानी न्यायालयों के 9,365 वादों का निस्तारण किया गया। कुल 1,03,744 मामलों का निस्तारण हुआ।
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परिवार न्यायालय में 27 वैवाहिक मामलों और धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता से जुड़े 78 वादों का निस्तारण हुआ। इनमें 18 मामले ऐसे थे, जिनमें पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि वैवाहिक संबंध टूटने की स्थिति में पहुंच चुके थे। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों को साथ बैठाकर उनकी बात सुनी और आपसी मतभेद दूर करने के लिए समझाया। बातचीत के बाद दंपतियों ने पुराने विवाद भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। इसके बाद 18 दंपतियों ने एक-दूसरे को फूलमाला पहनाकर नए सिरे से साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया।
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60 दुर्घटना वादों में 6.63 करोड़ की क्षतिपूर्ति
लोक अदालत में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी विष्णु चंद्र वैश्य ने 60 मोटर दुर्घटना वादों का भी निस्तारण किया गया। दुर्घटनाओं में मृतकों और घायलों के आश्रितों को कुल 6 करोड़ 63 लाख 76 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। इसके अलावा कलक्ट्रेट न्यायालय, कैनाल मजिस्ट्रेट, बाट-माप, आबकारी, एआरटीओ, श्रम, नगर निकाय, विद्युत, उपभोक्ता, कृषि, जिला पंचायत, पूर्ति, समाज कल्याण, महिला कल्याण, चिकित्सा, ग्रामोद्योग, बैंक और वित्तीय संस्थाओं से संबंधित मामलों का भी निस्तारण हुआ। जनपद न्यायाधीश और डीएम ने विभिन्न विभागों एवं बैंकों की ओर से लगाए गए शिविरों का निरीक्षण कर वादकारियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी अजय कुमार दीक्षित, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुपमा सिंह, सचिव संदीप सिंह समेत न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।