{"_id":"5f19de398ebc3e63ac047aa2","slug":"fraud-in-antuoday-rashan-card-rampur-news-mbd3568339192","type":"story","status":"publish","title_hn":"पचास बीघा जमीन, फिर भी अंत्योदय राशन कार्ड धारक, दो के खिलाफ रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पचास बीघा जमीन, फिर भी अंत्योदय राशन कार्ड धारक, दो के खिलाफ रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। एक महिला के नाम से अंत्योदय राशन कार्ड बना हुआ मिला। वह भी अपात्र होने के बाद भी। जांच की गई तो सामने आया कि महिला के पास 50 बीघा जमीन है। वहीं, स्वार में एक महिला के पास आठ बीघा जमीन एवं दो मंजिला मकान होने के बाद भी वह अंत्योदय राशन कार्ड धारक थी। जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश के बाद दोनों के खिलाफ पूर्ति निरीक्षकों ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
सरकार की ओर से गरीबों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए तो सरकार की ओर से अंत्योदय राशन कार्ड जारी किए थे। हालांकि, 2016 तक अंत्योदय राशन कार्ड धारक और सामान्य राशन कार्ड धारक को जो अनाज मिलता था, उसकी कीमत अलग-अलग थी, लेकिन इसके बाद से सभी को दो रुपये प्रति किलो गेहूं और तीन रुपये प्रति किलो चावल का वितरण कराया जाता है। अंत्योदय राशन कार्ड धारक को प्रति माह 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है, जबकि अन्य लोगों को यूनिट के हिसाब से गेहूं और चावल का वितरण किया जाता है। रामपुर की बात की जाए तो जिले में 34,660 अंत्योदय राशन कार्ड धारक हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इसमें अब तक 3500 अंत्योदय राशन कार्ड धारक अपात्र पाए गए हैं। ऐसे में अब इन कार्ड धारकों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
दरअसल, ग्राम बेनजीरपुरा उर्फ घाटमपुर निवासी छोटी बेगम पत्नी शफी अहमद अंत्योदय राशन कार्ड बना हुआ था। जबकि, जांच के दौरान सामने आया कि उनके पास पचास बीघा जमीन है। लिहाजा, वह योजना के लिए पात्र नहीं हैं। लेखपाल ने रिपोर्ट जिलापूर्ति अधिकारी को दे दी। वहीं, दूसरा मामला स्वार के ग्राम लखीमपुर का है, जहां शांति पत्नी बाबूराम का अंत्योदय राशनकार्ड बना हुआ है, जबकि उनके पति समोदिया सोसायटी के चेयरमैन हैं और उनका दो मंजिला मकान है। आठ बीघा जमीन भी है। लिहाजा, वह भी अपात्र हैं। पंचायत सचिव और लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी ने क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों को संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। डीएसओ के निर्देश के बाद छोटी के खिलाफ कोतवाली एवं शांति के खिलाफ स्वार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार की ओर से गरीबों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए तो सरकार की ओर से अंत्योदय राशन कार्ड जारी किए थे। हालांकि, 2016 तक अंत्योदय राशन कार्ड धारक और सामान्य राशन कार्ड धारक को जो अनाज मिलता था, उसकी कीमत अलग-अलग थी, लेकिन इसके बाद से सभी को दो रुपये प्रति किलो गेहूं और तीन रुपये प्रति किलो चावल का वितरण कराया जाता है। अंत्योदय राशन कार्ड धारक को प्रति माह 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है, जबकि अन्य लोगों को यूनिट के हिसाब से गेहूं और चावल का वितरण किया जाता है। रामपुर की बात की जाए तो जिले में 34,660 अंत्योदय राशन कार्ड धारक हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इसमें अब तक 3500 अंत्योदय राशन कार्ड धारक अपात्र पाए गए हैं। ऐसे में अब इन कार्ड धारकों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
दरअसल, ग्राम बेनजीरपुरा उर्फ घाटमपुर निवासी छोटी बेगम पत्नी शफी अहमद अंत्योदय राशन कार्ड बना हुआ था। जबकि, जांच के दौरान सामने आया कि उनके पास पचास बीघा जमीन है। लिहाजा, वह योजना के लिए पात्र नहीं हैं। लेखपाल ने रिपोर्ट जिलापूर्ति अधिकारी को दे दी। वहीं, दूसरा मामला स्वार के ग्राम लखीमपुर का है, जहां शांति पत्नी बाबूराम का अंत्योदय राशनकार्ड बना हुआ है, जबकि उनके पति समोदिया सोसायटी के चेयरमैन हैं और उनका दो मंजिला मकान है। आठ बीघा जमीन भी है। लिहाजा, वह भी अपात्र हैं। पंचायत सचिव और लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी ने क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों को संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। डीएसओ के निर्देश के बाद छोटी के खिलाफ कोतवाली एवं शांति के खिलाफ स्वार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन