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आजादी के बाद रामपुर में पहली बार होगा लोकसभा का उपचुनाव
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रामपुर। सपा नेता आजम खां के लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई रामपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव के लिए कार्यक्रम जारी हो गया है। आजादी के बाद रामपुर में ऐसा पहली बार होगा, जब यहां लोकसभा की सीट के लिए उपचुनाव होगा। आजम खां ने इस सीट पर एक लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी और भाजपा प्रत्याशी व फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा नाहटा को शिकस्त दी थी।
सियासत में रामपुर शुरूआत से ही रसूखदार रहा है। यहां से पहले सांसद देश के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद बने थे। इसके बाद कांग्रेस के जुल्फिकार अली उर्फ मिक्की मियां रामपुर से पांच बार सांसद रहे, जबकि एक बार जनता पार्टी और एक बार भाजपा से जीतकर डॉ. राजेंद्र शर्मा रामपुर के सांसद बने। इसके अलावा दो बार कांग्रेस की बेगम नूरबानो, दो बार सपा के टिकट पर जयाप्रदा व एक बार भाजपा के टिकट पर मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर के सांसद बने। जबकि, 2019 का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा था। पूरे देश के जहां भाजपा की लहर थी, वहीं रामपुर में सपा नेता आजम खां का जलवा कायम रहा था। वो सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में थे, जबकि उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी व फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा नाहटा से था। दोनों ही अपने-अपने दलों के मजबूत प्रत्याशी थे, लेकिन ऐसे हाल में भी रामपुर की जनता ने जयाप्रदा के स्थान पर आजम खां पर ही भरोसा जताया और उन्हें सांसद चुनकर लोकसभा में भेजा। आजम खां यह चुनाव 109997 मतों से जीतने में कामयाब रहे थे। इसी चुनाव के दौरान आजम खां की मुसीबतें भी बढ़नी शुरू हो गईं। इसके बाद आजम खां ने फरवरी 2022 में सीतापुर जेल से विधानसभा चुनाव लड़ा। जेल में रहकर ही उन्होंने रामपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की और दसवीं बार विधायक बने। चूंकि, वो सांसद भी थे, लिहाजा आजम खां को एक सीट छोड़नी थी। आजम खां ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद रामपुर संसदीय सीट रिक्त हो गई। उनके इस्तीफा देने के बाद रामपुर के इतिहास में पहली बार लोकसभा का उपचुनाव होगा।
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सियासत में रामपुर शुरूआत से ही रसूखदार रहा है। यहां से पहले सांसद देश के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद बने थे। इसके बाद कांग्रेस के जुल्फिकार अली उर्फ मिक्की मियां रामपुर से पांच बार सांसद रहे, जबकि एक बार जनता पार्टी और एक बार भाजपा से जीतकर डॉ. राजेंद्र शर्मा रामपुर के सांसद बने। इसके अलावा दो बार कांग्रेस की बेगम नूरबानो, दो बार सपा के टिकट पर जयाप्रदा व एक बार भाजपा के टिकट पर मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर के सांसद बने। जबकि, 2019 का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा था। पूरे देश के जहां भाजपा की लहर थी, वहीं रामपुर में सपा नेता आजम खां का जलवा कायम रहा था। वो सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में थे, जबकि उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी व फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा नाहटा से था। दोनों ही अपने-अपने दलों के मजबूत प्रत्याशी थे, लेकिन ऐसे हाल में भी रामपुर की जनता ने जयाप्रदा के स्थान पर आजम खां पर ही भरोसा जताया और उन्हें सांसद चुनकर लोकसभा में भेजा। आजम खां यह चुनाव 109997 मतों से जीतने में कामयाब रहे थे। इसी चुनाव के दौरान आजम खां की मुसीबतें भी बढ़नी शुरू हो गईं। इसके बाद आजम खां ने फरवरी 2022 में सीतापुर जेल से विधानसभा चुनाव लड़ा। जेल में रहकर ही उन्होंने रामपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की और दसवीं बार विधायक बने। चूंकि, वो सांसद भी थे, लिहाजा आजम खां को एक सीट छोड़नी थी। आजम खां ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद रामपुर संसदीय सीट रिक्त हो गई। उनके इस्तीफा देने के बाद रामपुर के इतिहास में पहली बार लोकसभा का उपचुनाव होगा।
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