{"_id":"57055ff44f1c1b7b4ac81874","slug":"fire-in-bed-one-die","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलती डिबिया गिरने से दो झुलसे, बच्ची की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलती डिबिया गिरने से दो झुलसे, बच्ची की मौत
ब्यूराे/अमर उजाला, रामपुर
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डोहरिया गांव में मंगलवार की रात जलती केरोसिन की डिबिया बिस्तर पर गिरने से आग लग गई। इसमें एक महिला और उसकी दो मासूम बेटियां बुरी तरह से झुलस गईं। तीनों जिला अस्पताल भेजा गया, जहां मासूम बच्ची की मौत हो गई। वहीं, मां-बेटी को मुरादाबाद रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली के डोहरिया गांव निवासी गोकुल राम मजदूरी करता है। मंगलवार की रात गोकुलराम घर पर नहीं था।
उसकी पत्नी रीना (35) अपनी पांच वर्षीय पुत्री रितु और ढाई वर्षीय पुत्री आंचल के साथ कमरे में सो रही थी। चारपाई के पास ऊपर केरोसिन की डिबिया भी जल रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक, रात करीब 12 बजे अचानक जलती डिबिया उसकी चारपाई पर गिर गई। इससे बिस्तर में आग लग गई। कमरे के अंदर से कुंडी बंद होने के कारण महिला अपने बच्चों को संभालने के प्रयास में कुंडी भी नहीं खोल पाई थी। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह दरवाजों को तोड़कर महिला व उसकी दोनों बच्चियों को बाहर निकाला।
ग्रामीणों की सूचना पर रात में उसका पति भी गांव से अपने घर पहुंच गया। सभी लोग तीनों घायलों को रात में ही स्थानीय अस्पताल ले आए। सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताते हैं कि जिला अस्पताल में बुधवार की दोपहर ढाई वर्षीय आंचल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने रीना व रितु को बेहतर उपचार के लिए मुरादाबाद रेफर कर दिया।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी जीडी जोशी ने बताया कि गोकुल शराब का आदी है। परिवार गरीब होने के कारण सभी ग्रामीण उसकी मदद करने में लगे हैं।
विज्ञापन
उसकी पत्नी रीना (35) अपनी पांच वर्षीय पुत्री रितु और ढाई वर्षीय पुत्री आंचल के साथ कमरे में सो रही थी। चारपाई के पास ऊपर केरोसिन की डिबिया भी जल रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक, रात करीब 12 बजे अचानक जलती डिबिया उसकी चारपाई पर गिर गई। इससे बिस्तर में आग लग गई। कमरे के अंदर से कुंडी बंद होने के कारण महिला अपने बच्चों को संभालने के प्रयास में कुंडी भी नहीं खोल पाई थी। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह दरवाजों को तोड़कर महिला व उसकी दोनों बच्चियों को बाहर निकाला।
विज्ञापन
ग्रामीणों की सूचना पर रात में उसका पति भी गांव से अपने घर पहुंच गया। सभी लोग तीनों घायलों को रात में ही स्थानीय अस्पताल ले आए। सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताते हैं कि जिला अस्पताल में बुधवार की दोपहर ढाई वर्षीय आंचल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने रीना व रितु को बेहतर उपचार के लिए मुरादाबाद रेफर कर दिया।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी जीडी जोशी ने बताया कि गोकुल शराब का आदी है। परिवार गरीब होने के कारण सभी ग्रामीण उसकी मदद करने में लगे हैं।