फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Farmers will not get the benefit of government scheme on burning stubble

Rampur News: पराली जलाने पर किसानों को नहीं मिलेगा सरकारी योजना का लाभ

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 07 Oct 2023 02:04 AM IST
विज्ञापन
Farmers will not get the benefit of government scheme on burning stubble
रामपुर।
विज्ञापन

धान कटाई के बाद पराली में आग लगाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। ऐसे में किसान भूलकर भी पराली को आग के हवाले न करें। इस संबंध में कृषि विभाग की ओर से दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश के लिए सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है।

उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि किसान धान की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों को अक्सर आग के हवाले कर देते हैं। जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। इसके साथ ही मिट्टी में मौजूद उपयोगी कीट नष्ट हो जाते हैं और जीवांश कार्बन भी कम हो जाता है। ऐसे में किसानों के लिए पराली जलाने की जरूरत नहीं, बल्कि उसे जुताई कर खेतों में ही मिलाने की आवश्यकता है। ऐसा करने से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।
विज्ञापन

अगर किसी किसान ने भूलकर भी पराली को जला दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है। अगर कोई किसान पराली जलाते हुए पकड़ा जाता है तो उससे जुर्माना वसूल किया जाएगा। बताया कि दो एकड़ से कम क्षेत्रफल के किसानों द्वारा पराली जलाने पर 2500 रुपये का जुर्माना लगेगा। दो एकड़ से पांच एकड़ तक के क्षेत्रफल वाले किसान अगर पराली जलाते हैं तो पांच हजार एवं पांच एकड़ से अधिक एरिया वाले किसान पराली जलाते हैं तो 15 हजार का जुर्माना पड़ेगा। एक ही खेत में लगातार दो घटनाएं होने पर किसानों को सरकारी योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों से पराली न जलाने की अपील की जा रही है। वहीं इसके बाद भी अगर किसी किसान पराली जलाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, साथ ही भूमि में जीवांश कार्बन कम हो जाते हैं। इसलिए किसान पराली न जलाएं।
-नरेंद्र पाल, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed