फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Farmers termed the increase in sugarcane rates as inadequate.

Rampur News: किसानों ने गन्ने के रेट में हुई बढ़ोतरी को बताया नाकाफी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2025 01:31 AM IST
विज्ञापन
Farmers termed the increase in sugarcane rates as inadequate.
रामपुर। सरकार ने बुधवार को 2025-26 पेराई सीजन के लिए गन्ने की कीमतों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है। जिसको लेकर किसान नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गन्ने के रेट में तीस रुपये बढ़ाए हैं, जो महंगाई के हिसाब से कुछ भी नहीं हैं। अगर सरकार को किसानों की चिंता होती है तो हर साल महंगाई के हिसाब से रेट बढ़ाना चाहिए था,पर ऐसा नहीं किया बल्कि सरकार ने किसानों का मजाक बनाया है।
विज्ञापन

खाद की रेट कई गुना बढ़ गए, डीजल के रेट बड़े ओर कीटनाशक दवाइयों के रेट कई गुना बढ़ गए। सरकार की बेरुखी के कारण किसानों ने गन्ना बोना कम कर दिया है। शासन प्रशासन किसानों के प्रति गंभीर नहीं है अगर ऐसा होता तो रामपुर की मिल बंद नहीं होती। बिलासपुर रुद्रपुर-बिलास चीनी मिल जर्जर हैं,जो बंद होने के कगार पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------------
सरकार ने गन्ने के रेट में 30 रुपये बढ़ाकर गन्ना किसानों का अपमान करते हुए मजाक बनाया है। खाद की रेट कई गुना बढ़ गए, डीजल ओर कीटनाशक दवाइयां के रेट कई गुना बढ़ गए हैं। सरकार की बेरुखी के कारण किसानों ने गन्ना बोना कम कर दिया है।
- मोहम्मद हनीफ वारसी, प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू भानू
-----------------
प्रदेश सरकार ने गन्ने के रेट में सिर्फ तीस रुपये बढ़ाए हैं, जो महंगाई के हिसाब से कुछ भी नहीं हैं। अगर सरकार को किसानों की चिंता होती है तो हर साल महंगाई के हिसाब से रेट बढ़ाना चाहिए था, पर ऐसा नहीं किया, बल्कि सरकार ने किसानों का मजाक बनाया है।
- हसीब अहमद, प्रदेश महासचिव, भाकियू टिकैत
--------------

सरकार ने तीस रुपये बढ़ाकर किसानों का मजाक बनाया है। सरकार को अगर किसानों की चिंता होती तो वह गन्ने के रेट में 100 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी करती। सरकार ने कभी भी किसानों के हित में कोई निर्णय नहीं लिया है।
- जगजीत सिंह गिल, जिलाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
----------------------
खाद का कट्टा 300 रुपये का मिलता था,जो अब मार्केट में 1600 का है। कीटनाशक दवाएं ओर डीजल के रेट आसमान छू रहे हैं। गन्ने का रेट कम से कम 500 रुपये प्रति कुंतल होना चाहिए। सरकार को किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी की देनी चाहिए। जिससे किसानों को राहत मिल सके।

- मोहम्मद सलीम वारसी,जिलाध्यक्ष भाकियू भानू
-------------

गन्ना मूल्य में वृद्धि पर भाजपाइयों ने जताई खुशी
शाहबाद। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि किए जाने की घोषणा के बाद शाहबाद क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। बुधवार को इस फैसले के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। इस दौरान गन्ना समिति के चेयरमैन विवेक पांडे संजय चौधरी, नरेंद्र सिंह, महेश चंद्रवंशी, अमित चंद्रवंशी, वेदप्रकाश चंद्रवंशी, शिवओतार यादव, रामओतार सिंह यादव, रोहित कुमार मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed