{"_id":"604136538ebc3e5902116312","slug":"false-affidavid-of-abdulla-azajm-rampur-news-mbd381791892","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब गलत शपथ पत्र देने के मामले में फंसे अब्दुल्ला आजम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब गलत शपथ पत्र देने के मामले में फंसे अब्दुल्ला आजम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। सीतापुर की जेल में पिछले एक साल से अपने पिता सांसद आजम खां के साथ बंद अब्दुल्ला आजम की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब उनके खिलाफ स्वार कोतवाली में 2017 के विधानसभा चुनाव के नामांकन में झूठा शपथ पत्र देने के आरोप में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125-ए के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट प्रभारी राजस्व निरीक्षक सोमपाल सिंह ने दर्ज कराई है।
अब्दुल्ला आजम 2017 के विधानसभा चुनाव में स्वार सीट से सपा के प्रत्याशी थे। विधानसभा चुनाव के नामांकन के वक्त उन्होंने अपनी उम्र को लेकर जो शपथपत्र दिया था उस पर विवाद है। हालांकि उनका नामांकन पत्र स्वीकार हो गया था और वो विधायक भी चुन लिए गए थे। उनके मुकाबले बसपा से चुनाव लड़े नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अब्दुल्ला के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। नवेद मियां की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट 16 दिसंबर 2019 को उनका निर्वाचन रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को आधार मानते हुए विधानसभा सचिवालय की ओर से इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया है और अब्दुल्ला से विधायक के रूप में प्राप्त किए गए वेतन और भत्ते की वसूली का नोटिस भी दिया गया है। इस मामले में अब स्वार के प्रभारी राजस्व निरीक्षक सोमपाल सिंह की तहरीर के आधार पर अब्दुल्ला आजम के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951 और 1989 की धारा 125-ए के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। तहरीर में कहा गया है कि अब्दुल्ला आजम द्वारा अपनी गलत उम्र दर्शाते हुए असत्य शपथपत्र दाखिल करने के कारण उनके द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन किया गया है। एसपी शगुन गौतम का कहना है कि तहीरर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन
अब्दुल्ला आजम 2017 के विधानसभा चुनाव में स्वार सीट से सपा के प्रत्याशी थे। विधानसभा चुनाव के नामांकन के वक्त उन्होंने अपनी उम्र को लेकर जो शपथपत्र दिया था उस पर विवाद है। हालांकि उनका नामांकन पत्र स्वीकार हो गया था और वो विधायक भी चुन लिए गए थे। उनके मुकाबले बसपा से चुनाव लड़े नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अब्दुल्ला के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। नवेद मियां की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट 16 दिसंबर 2019 को उनका निर्वाचन रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को आधार मानते हुए विधानसभा सचिवालय की ओर से इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया है और अब्दुल्ला से विधायक के रूप में प्राप्त किए गए वेतन और भत्ते की वसूली का नोटिस भी दिया गया है। इस मामले में अब स्वार के प्रभारी राजस्व निरीक्षक सोमपाल सिंह की तहरीर के आधार पर अब्दुल्ला आजम के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951 और 1989 की धारा 125-ए के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। तहरीर में कहा गया है कि अब्दुल्ला आजम द्वारा अपनी गलत उम्र दर्शाते हुए असत्य शपथपत्र दाखिल करने के कारण उनके द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन किया गया है। एसपी शगुन गौतम का कहना है कि तहीरर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन