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मनरेगा में घपले की आशंका पर जांच के आदेश
Wed, 16 Jan 2019 12:55 AM IST
vijendra pratap
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Published by: vijendra pratap
Updated Wed, 16 Jan 2019 12:55 AM IST
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बिलासपुर ब्लाक में मनरेगा सेल का निरीक्षण करते मंडलायुक्त यशवंत राव।
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मंडलायुक्त यशवंत राव ने मंगलवार को अचानक खंड विकास कार्यालय और बाल विकास परियोजना कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लाक में मनरेगा सेल में घपला होने की आशंका पर लेखाकर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीडीपीओ कार्यालय में कुपोषित बच्चों के बारे जानकारी ली और गांव में देखरेख न मिलने पर नाराजगी जताई।
मंडलायुक्त मंगलवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक ब्लाक कार्यालय पहुंचे। आयुक्त को खंड विकास अधिकारी मोहम्मद फारुख गैरहाजिर मिले। जानकारी करने पर कर्मियों ने बताया कि बीडीओ किसी गांव में गए हैं। आयुक्त ने कर्मियों की सेवा पुस्तिकाएं व अन्य अभिलेखों का निरीक्षण कर सभी अधूरे अभिलेख पूरे करने के निर्देश दिए।
ब्लाक परिसर की मरम्मत के कार्य को देखा तथा ब्लाक परिसर में फैली गंदगी पर असंतोष जताया। मनरेगा सेल में मस्टर रोल की फीडिंग व भुगतान आदि को देखा तो असंतोष जताया और घपला होने की आशंका पर लेखाकार विकास शर्मा को हड़काया तथा उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई को कहा। उन्होंने ब्लाक के अन्य पटल के कर्मियों भी कार्य में सुधार के निर्देश दिए।
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इसके बाद वह बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचे, सुपरवाइजरों की उपस्थिति पंजिका में हाजिरी न होने पर सीडीपीओ ने बताया कि सभी अभी फील्ड से आईं हैं। उन्होंने कुपोषित से सुपोषित बच्चों के बारे में पूछा। सुपरवाइजरों द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर नाराजगी जताई।
इस बीच पहुंचे एसडीएम से पूछा कि आप कौन सा कुपोषित गांव देख रहे हैं तो एसडीएम ने कहा कि उन्हें कोई गांव आवंटित नहीं हुआ है, वह डीएम को आवंटित गांव लालानगला देखने जाते हैं। इस पर आयुक्त ने जांच के निर्देश दिए। आयुक्त ने साफ कहा कि शासन की योजनाओं को गंभीरता से न लेने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंडलायुक्त मंगलवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक ब्लाक कार्यालय पहुंचे। आयुक्त को खंड विकास अधिकारी मोहम्मद फारुख गैरहाजिर मिले। जानकारी करने पर कर्मियों ने बताया कि बीडीओ किसी गांव में गए हैं। आयुक्त ने कर्मियों की सेवा पुस्तिकाएं व अन्य अभिलेखों का निरीक्षण कर सभी अधूरे अभिलेख पूरे करने के निर्देश दिए।
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ब्लाक परिसर की मरम्मत के कार्य को देखा तथा ब्लाक परिसर में फैली गंदगी पर असंतोष जताया। मनरेगा सेल में मस्टर रोल की फीडिंग व भुगतान आदि को देखा तो असंतोष जताया और घपला होने की आशंका पर लेखाकार विकास शर्मा को हड़काया तथा उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई को कहा। उन्होंने ब्लाक के अन्य पटल के कर्मियों भी कार्य में सुधार के निर्देश दिए।
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इसके बाद वह बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचे, सुपरवाइजरों की उपस्थिति पंजिका में हाजिरी न होने पर सीडीपीओ ने बताया कि सभी अभी फील्ड से आईं हैं। उन्होंने कुपोषित से सुपोषित बच्चों के बारे में पूछा। सुपरवाइजरों द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर नाराजगी जताई।
इस बीच पहुंचे एसडीएम से पूछा कि आप कौन सा कुपोषित गांव देख रहे हैं तो एसडीएम ने कहा कि उन्हें कोई गांव आवंटित नहीं हुआ है, वह डीएम को आवंटित गांव लालानगला देखने जाते हैं। इस पर आयुक्त ने जांच के निर्देश दिए। आयुक्त ने साफ कहा कि शासन की योजनाओं को गंभीरता से न लेने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।