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Rampur News: डॉक्टरों के व्हाट्सएप नंबर हैक, ठगों ने मांगे रुपये
Mon, 25 May 2026 01:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 25 May 2026 01:40 AM IST
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रामपुर। शहर के कई नामी डॉक्टरों के व्हाट्सएप नंबर हैक कर साइबर ठगों द्वारा रुपये मांगने का मामला सामने आया है। ठगों ने डॉक्टरों के परिचितों को इमरजेंसी का हवाला देकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के संदेश भेजे। मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की गई है।
साइबर ठगों ने आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हिमांशु गुप्ता, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. अनुपम सेन और डॉ. संदीप पाल समेत कई डॉक्टरों के व्हाट्सएप अकाउंट को निशाना बनाया। ठगों ने डॉक्टरों के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर परिचित लोगों को संदेश भेजे और पैसों की मांग की।
डॉ. हिमांशु गुप्ता ने बताया कि कुछ लोगों ने भरोसे में आकर ठगों के बताए खातों में रुपये भी ट्रांसफर कर दिए। जानकारी मिलने पर डॉक्टरों ने अपने परिचितों को सतर्क किया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी सूचना साझा की।
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डॉक्टरों के अनुसार, उनके नंबर अचानक लॉग आउट हो गए, जिसके बाद पता चला कि किसी अन्य डिवाइस पर उनका व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय हो गया है। इसके बाद ठगों ने तेजी से लोगों को मैसेज भेजने शुरू कर दिए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित डॉक्टरों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि ठगों ने अकाउंट किस तरीके से हैक किए और उनके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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30 हजार रुपये भी हुए ट्रांसफर
डॉ. हिमांशु गुप्ता ने बताया कि उनके पास दोपहर में पार्सल डिलीवरी के नाम पर फोन आया। कॉल करने वाले ने व्हाट्सएप नंबर मांगा। नंबर देने के बाद उनका अकाउंट हैक हो गया और लोगों को रुपये मांगने के मैसेज भेजे जाने लगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली के एक परिचित ने 25 हजार रुपये और एक अन्य परिचित ने पांच हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए।
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रुपये ट्रांसफर करने से पहले करें पुष्टि
साइबर क्राइम थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि व्हाट्सएप हैकिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग ओटीपी या लिंक के जरिए अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं और फिर परिचितों को मैसेज भेजकर पैसे मांगते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी को ओटीपी साझा करें। यदि किसी परिचित के नंबर से रुपये मांगने का मैसेज आए तो पहले फोन कर पुष्टि जरूर कर लें।
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साइबर ठगों ने आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हिमांशु गुप्ता, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. अनुपम सेन और डॉ. संदीप पाल समेत कई डॉक्टरों के व्हाट्सएप अकाउंट को निशाना बनाया। ठगों ने डॉक्टरों के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर परिचित लोगों को संदेश भेजे और पैसों की मांग की।
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डॉ. हिमांशु गुप्ता ने बताया कि कुछ लोगों ने भरोसे में आकर ठगों के बताए खातों में रुपये भी ट्रांसफर कर दिए। जानकारी मिलने पर डॉक्टरों ने अपने परिचितों को सतर्क किया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी सूचना साझा की।
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डॉक्टरों के अनुसार, उनके नंबर अचानक लॉग आउट हो गए, जिसके बाद पता चला कि किसी अन्य डिवाइस पर उनका व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय हो गया है। इसके बाद ठगों ने तेजी से लोगों को मैसेज भेजने शुरू कर दिए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित डॉक्टरों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि ठगों ने अकाउंट किस तरीके से हैक किए और उनके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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30 हजार रुपये भी हुए ट्रांसफर
डॉ. हिमांशु गुप्ता ने बताया कि उनके पास दोपहर में पार्सल डिलीवरी के नाम पर फोन आया। कॉल करने वाले ने व्हाट्सएप नंबर मांगा। नंबर देने के बाद उनका अकाउंट हैक हो गया और लोगों को रुपये मांगने के मैसेज भेजे जाने लगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली के एक परिचित ने 25 हजार रुपये और एक अन्य परिचित ने पांच हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए।
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रुपये ट्रांसफर करने से पहले करें पुष्टि
साइबर क्राइम थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि व्हाट्सएप हैकिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग ओटीपी या लिंक के जरिए अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं और फिर परिचितों को मैसेज भेजकर पैसे मांगते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी को ओटीपी साझा करें। यदि किसी परिचित के नंबर से रुपये मांगने का मैसेज आए तो पहले फोन कर पुष्टि जरूर कर लें।