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Rampur News: तलाक, तलाक, तलाक नहीं...ऑर्डर, ऑर्डर, ऑर्डर

Sun, 11 May 2025 02:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Sun, 11 May 2025 02:19 AM IST
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Divorce, divorce, no divorce...order, order, order
रामपुर। 11 शादियां टूटने के कगार पर थीं और मामला तलाक के लिए अदालत में पहुंच चुका था, लेकिन लोक अदालत में परिवार न्यायालय ने सुलह समझौते के आधार पर इन शादियों को टूटने से बचा लिया। इस दौरान सभी दंपती एक बार फिर से एक साथ रहने को राजी हो गए। न्यायिक अफसरों की मौजूदगी में जोड़ों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई। शनिवार को लगी लोक अदालत में कुल 81 हजार से ज्यादा वादों का निस्तारण किया गया।
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शनिवार को विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया था। लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज भानु देव शर्मा ने अन्य न्यायिक अफसरों की मौजूदगी में किया। इसके बाद विभिन्न न्यायिक अफसरों ने वादों का निस्तारण शुरू किया। लोक अदालत के दौरान परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी ने 26 वैवाहिक मामलों के साथ ही 60 भरण पोषण एवं नौ मामलों में प्री-लिटिगेशन स्तर पर निपटारा किया। इसमें जोड़ों का आपसी सुलह समझौते के आधार पर उनके मामलों का निस्तारण कराया गया।
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इस दौरान लोक अदालत में 11 ऐसे केस भी सामने आए, जिनमें शादियां लगभग टूटने के कगार पर थीं, लेकिन जिला न्यायाधीश के प्रयास से 11 जोड़े पुनः एक साथ रहने को राजी हो गए। शादी के कुछ दिन तो इनका जीवन ठीक-ठाक चला, लेकिन कुछ समय बाद गलतफहमियों के चलते सभी अलग-अलग हो गए और नौबत तलाक तक आ गई थी। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने जोड़ों को साथ बैठाकर बातचीत कराई और बहुत समझाने पर वे साथ रहने के लिए तैयार हो गए।
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जिला न्यायाधीश भानु देव शर्मा एवं प्राधिकरण सचिव कुलदीप सिंह की उपस्थिति में जोड़ो ने एक-दूसरे को फूल माला पहनाकर राजीनामा कराया।
इसके अलावा जनपद मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के न्यायाधीश राजीव कमल पांडे ने मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को 26.25 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया और 37 अन्य प्रकृति के वादों का निस्तारण किया।
एडीजे प्रथम शाजिया नजर जैदी ने दो वादों का निस्तारण कर अर्थदंड के रूप में 15,000 रुपये जमा कराए। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अजय कुमार दीक्षित ने एक वाद निपटाया।
एडीजे द्वितीय डॉ. विजय कुमार ने दो वादों का निस्तारण कर अर्थदंड के रूप में 22,000 रुपये वसूल किए। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट छवि अस्थाना ने 744 वादों का निस्तारण किया।

प्राधिकरण के सचिव कुलदीप कुमार सिंह ने बताया कि विभिन्न न्यायालयों और विभागों से संबंधित करीब 75,618 वादों समेत कुल 81,023 वादों का निस्तारण किया गया।
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