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Rampur News: जमीन के नीचे तेल और गैस की संभावना में शाहबाद में खोदाई
Wed, 12 Feb 2025 01:25 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 12 Feb 2025 01:25 AM IST
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रामपुर के शाहबाद में तेल की संभावना के चलते खोदाई कराते ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधिकारी। संवाद
- फोटो : शाहबाद
शाहबाद (रामपुर)। भारत सरकार की ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने गैस और तेल की संभावना में मंगलवार को शाहबाद क्षेत्र में कई स्थानों खोदाई कराई। गड्ढों में यंत्र डालकर ब्लास्ट होने पर निकली तरंगों को एकत्र किया है। अब इन्हें देहरादून की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा।
मंगलवार को ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधिकारी चकरपुर भूड़, वीरपुर और नांदगांव में पहुंचे और तेल और गैस होने की संभावना के चलते कई स्थानों पर खोदाई शुरू कराई। जानकारी होने पर ग्रामीण एकत्र हो गए। ऑयल इंडिया लिमिटेड के पदाधिकारी सुनील कुमार यादव और मदन मौर्य ने किसानों से गड्ढे खोदने के एवज में मुआवजा देने की बात कहते हुए अनुमति ली। जिसके बाद किसानों की अनुमति के बाद ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधीन एल्फा जियो इंडिया लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारी काम में जुट गए। अधिकारियों ने पहले ड्रिल मशीन से करीब 30 से 50 मीटर गहरे गड्ढे खोदे गए। गड्ढे करने के बाद एक यंत्र उन सभी गड्ढों में डाला गया। जिसके बाद गहरे भूगर्भ में यंत्र के माध्यम से ब्लास्ट किया गया। जिससे निकली तरंगों को जांच के लिए एकत्र किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि ब्लास्ट के बाद निकली तरंगों को जांच के लिए देहरादून की प्रयोगशाला में भेजा जाता है। प्रयोगशाल में वैज्ञानिक तेल और गैस कितनी प्रतिशत है, उसकी पुष्टि करते है। देर शाम तक टीम में शामिल करीब 40 लोगों ने कई खेतों में खोदाई कर नमूने लिए।
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वर्जन
हमें प्वांइट का पता सैटेलाइट से लगता है। हम लोग अधिकतर तकनीकियों का सहारा लेते हैं। हो सकता है यहां तेल या गैस का भंडार हो। -मदन मौर्य, एआरओ, ऑयल इंडिया लिमिटेड
वर्जन
एक सैटेलाइट का सर्वे होता है, दूसरा जमीनी सर्वे होता है। उसी आधार पर भूगर्भ में ड्रिल करके पांच किलोमीटर तक के नीचे का डाटा ले सकते है। भूगर्भ में कौन सा खनिज पदार्थ है। हम यहां तेल और गैस के होने का सर्वे कर रहे है, ताकि भविष्य में हमें इन खनिज पदार्थों से जूझना न पड़े। -सुनील कुमार यादव,
अधिकारी, ऑयल इंडिया लिमिटेड
20 जिलों में होगा सर्वे का कार्य
ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि वह पहले ही क्षेत्र का सैटेलाइस सर्वे करते हैं। उसके बाद मौके पर स्थलीय निरीक्षण करते हैं। निरीक्षण के दौरान सैटेलाइट से पाए गए प्वाइंट पर खोदाई शुरू करते हैं। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि इन्होंने बलिया से शुरुआत की थी। अब यह सभी अधिकारी रामपुर जिले में कार्य निपटाकर, एटा जिला तक इसी तरह खुदाई करेंगे। संवाद
20 साल पहले भी हुआ था सर्वे
अधिकारियों ने बताया कि करीब बीस साल पहले भी इसी तरह से सर्वे किया गया था। उसी सर्वे के आधार पर पुनः यह सर्वे किए जा रहा है। उम्मीद है कहीं न कहीं कामयाबी जरूर मिलेगी और खनिज पदार्थ मिल सकता है।
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मंगलवार को ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधिकारी चकरपुर भूड़, वीरपुर और नांदगांव में पहुंचे और तेल और गैस होने की संभावना के चलते कई स्थानों पर खोदाई शुरू कराई। जानकारी होने पर ग्रामीण एकत्र हो गए। ऑयल इंडिया लिमिटेड के पदाधिकारी सुनील कुमार यादव और मदन मौर्य ने किसानों से गड्ढे खोदने के एवज में मुआवजा देने की बात कहते हुए अनुमति ली। जिसके बाद किसानों की अनुमति के बाद ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधीन एल्फा जियो इंडिया लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारी काम में जुट गए। अधिकारियों ने पहले ड्रिल मशीन से करीब 30 से 50 मीटर गहरे गड्ढे खोदे गए। गड्ढे करने के बाद एक यंत्र उन सभी गड्ढों में डाला गया। जिसके बाद गहरे भूगर्भ में यंत्र के माध्यम से ब्लास्ट किया गया। जिससे निकली तरंगों को जांच के लिए एकत्र किया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि ब्लास्ट के बाद निकली तरंगों को जांच के लिए देहरादून की प्रयोगशाला में भेजा जाता है। प्रयोगशाल में वैज्ञानिक तेल और गैस कितनी प्रतिशत है, उसकी पुष्टि करते है। देर शाम तक टीम में शामिल करीब 40 लोगों ने कई खेतों में खोदाई कर नमूने लिए।
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हमें प्वांइट का पता सैटेलाइट से लगता है। हम लोग अधिकतर तकनीकियों का सहारा लेते हैं। हो सकता है यहां तेल या गैस का भंडार हो। -मदन मौर्य, एआरओ, ऑयल इंडिया लिमिटेड
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एक सैटेलाइट का सर्वे होता है, दूसरा जमीनी सर्वे होता है। उसी आधार पर भूगर्भ में ड्रिल करके पांच किलोमीटर तक के नीचे का डाटा ले सकते है। भूगर्भ में कौन सा खनिज पदार्थ है। हम यहां तेल और गैस के होने का सर्वे कर रहे है, ताकि भविष्य में हमें इन खनिज पदार्थों से जूझना न पड़े। -सुनील कुमार यादव,
अधिकारी, ऑयल इंडिया लिमिटेड
20 जिलों में होगा सर्वे का कार्य
ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि वह पहले ही क्षेत्र का सैटेलाइस सर्वे करते हैं। उसके बाद मौके पर स्थलीय निरीक्षण करते हैं। निरीक्षण के दौरान सैटेलाइट से पाए गए प्वाइंट पर खोदाई शुरू करते हैं। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि इन्होंने बलिया से शुरुआत की थी। अब यह सभी अधिकारी रामपुर जिले में कार्य निपटाकर, एटा जिला तक इसी तरह खुदाई करेंगे। संवाद
20 साल पहले भी हुआ था सर्वे
अधिकारियों ने बताया कि करीब बीस साल पहले भी इसी तरह से सर्वे किया गया था। उसी सर्वे के आधार पर पुनः यह सर्वे किए जा रहा है। उम्मीद है कहीं न कहीं कामयाबी जरूर मिलेगी और खनिज पदार्थ मिल सकता है।