फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   dargah issue

पहली बैठक फ्लाॅप, दूसरी भी बेनतीजा

Sat, 01 Apr 2017 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो मिलक/ रामपुर
अमर उजाला ब्यूरो मिलक/ रामपुर Updated Sat, 01 Apr 2017 12:32 AM IST
विज्ञापन
dargah issue
मिलक में तनाव को देखते हुए दरगाह परिसर के पास वज्र वाहन के साथ डेरा डाल पुलिस

विज्ञापन

दरगाह प्रकरण में समझौता टूटने पर शुक्रवार की शाम दोबारा बुलाई गई बैठक भी बेनतीजा रही। समझौते को अमल को लेकर नोक-झोंक हुई और प्रशासन का रुख सख्त रहा। प्रशासन ने समझौता लागू कराने को दोनों पक्षों को सात दिनों का वक्त दिया है। प्रशासन ने दो  टूक कहा है कि समझौता तोड़ने वाला गुनहगार है।

तहसील में गुरुवार को  दरगाह प्रकरण को लेकर प्रशासनिक अफसरों के बीच हुए समझौते के टूटने पर  प्रशासनिक अफसरों ने दोनों पक्षों की बनाई गई कमेटी के 14 सदस्यों को  बुलाया। जिस पर समझौते को अमल कराने की कवायद दोहराई गई। जिस पर समझौते में  शामिल एक पक्ष के लोगों ने अफसरों से स्पष्ट कह दिया। समझौते को उनके समाज  के लोगों को स्वीकार नहीं है और वह दरगाह का पुनर्निर्माण नहीं करेंगे। जिस पर दूसरे पक्ष का कहना था कि वह  गुरुवार को हुए समझौते का पालन करने  को तैयार है। उन्होंने प्रशासन को यह भी लिखकर दे दिया कि वह मोक्षधाम में  लगने वाली भगवान शंकर की प्रतिमा पर पूजा नहीं करेंगे और न ही यहां पर कंावड़िए जल चढ़ाएंगे। लेकिन दरगाह कमेटी की ओर से शामिल हुए समझौते के सदस्यों ने  हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना है कि वह  अपने समाज का विरोध झेलने  की हालत में  नहीं है।
विज्ञापन


समझौते के मुद्दे से वार्ता में शामिल सदस्य कई बार भटके। जिस कारण अफसरों के सामने ही नोक-झोंक हो गई। बाद में एक दूसरे पर  आरोप-प्रत्यारोप लगने पर हंगामा हो गया। पालिकाध्यक्ष पति  का कहना था कि अतिक्रमण हटकर रहेगा। जिस पर जामा मसजिद के सदर का कहना था कि उससे पहले  प्रशासन को दरगाह की जमीन पूरी करके देनी होगी। जिस मामला तूल पकड़ गया।  तब अफसरों को हस्तक्षेप करना पड़ा। समझौते कमेटी में शामिल एक पक्ष के  समझौता टूटने पर अफसरों का पारा चढ़ गया। उनका कहना था कि बातें दस हजार  लोगों को एकत्र करने  की करते हो लेकिन अपने समाज के लोगों कोे नहीं समझा  पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



दोबारा बुलाई गई बैठक में समझौते को लेकर प्रशासन ने दो टूक कहा  कि वह समझौते को शासन को भेज चुके हैं। इसलिए समझौता पत्थर की लकीर है।  जिसको तोड़ने वाले गुनहगार हैं। प्रशासन ने समझौते पर अमल कराने की कवायद  के लिए सात अप्रैल तक अल्टीमेटम दिया और सात अप्रैल को कमेटी को बुलाया। इस  दौरान उपजिलाधिकारी लालता प्रसाद शाक्य, सीओ.ओपी आर्य, कोतवाल आरबी कौल,  पालिकाध्यक्ष दीक्षा गंगवार, नरेंद्र सिंह गंगवार, राजीव सक्सेना कड़क, अशोक बजरंगी, हरिओम  अग्रवाल, मुकेश पटेल, प्रताप  सक्सेना, विकास शुक्ला  तथा दूसरे पक्ष के  मोहम्मद जाहिद खां, मोहम्मद सईदुल रहमान, सलीम मलिक, इकरार हुसैन, मुस्तकीम, अजीम मलिक शामिल रहे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed