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बाग मालिकों के ख्वाब उड़ा ले गई आंधी
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Thu, 05 May 2016 12:48 AM IST
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बागों में गिरे आम बीनता बाग मालिक।
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अंधड़ और बारिश बाग मालिक और ठेकेदारों का ख्वाब उड़ाकर ले गई। आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बागों में कच्चे आम के ढेर लग गए। ठेकेदार नुकसान देखकर सिर पकड़कर बैठ गए। पालेजों को भी नुकसान पहुंचा है।
जिले में 1150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के बाग हैं। सबसे ज्यादा बाग सैदनगर और सदर क्षेत्र में हैं। रामपुर का लंगड़ा दूसरे प्रदेशों में काफी पसंद किया जाता है। बाग मालिक और ठेकेदार फसल से काफी खुश थे। आम की फसल बेचकर कोई अपनी बेटी की शादी तो कोई आशियाना बनाने का ख्वाब संजोए बैठा थे, लेकिन कल रात आईं आंधी और बारिश उनके ख्वाब उड़ा ले गई।
आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बाग मालिक और ठेकेदार दिन निकलने पर अपने-अपने बागों में सुबह पहुंचे तो नजारा देखकर सिर पकड़ लिया।
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बागों में कचियां अमिया का गिरी पड़ी थी। कई बागों में आम के पेड़ भी गिर गए। अधिकतर बाग मालिक नुकसान देखकर मायूस होकर घरों को लौट गए। कुछ ने कच्ची अमियों का बाग में ही ढेर लगाकर छोड़ दिया। बारिश और आंधी के साथ कुछ इलाकों में ओले भी पड़े। बारिश और ओलों से खरबूज और तरबूज को नुकसान पहुंचा है।
जिले में 1150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के बाग हैं। सबसे ज्यादा बाग सैदनगर और सदर क्षेत्र में हैं। रामपुर का लंगड़ा दूसरे प्रदेशों में काफी पसंद किया जाता है। बाग मालिक और ठेकेदार फसल से काफी खुश थे। आम की फसल बेचकर कोई अपनी बेटी की शादी तो कोई आशियाना बनाने का ख्वाब संजोए बैठा थे, लेकिन कल रात आईं आंधी और बारिश उनके ख्वाब उड़ा ले गई।
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आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बाग मालिक और ठेकेदार दिन निकलने पर अपने-अपने बागों में सुबह पहुंचे तो नजारा देखकर सिर पकड़ लिया।
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बागों में कचियां अमिया का गिरी पड़ी थी। कई बागों में आम के पेड़ भी गिर गए। अधिकतर बाग मालिक नुकसान देखकर मायूस होकर घरों को लौट गए। कुछ ने कच्ची अमियों का बाग में ही ढेर लगाकर छोड़ दिया। बारिश और आंधी के साथ कुछ इलाकों में ओले भी पड़े। बारिश और ओलों से खरबूज और तरबूज को नुकसान पहुंचा है।