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कारसेवा से बैगुल पर बांध बना रहे रामपुर-बरेली के किसान
अमर उजाला ब्यूरो/ बिलासपुर/खजुरिया रामपुर
Updated Sat, 22 Oct 2016 01:06 AM IST
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खजुरिया थाने के बार्डर पर शुक्रवार को बैगुल नदी पर कारसेवा से डैम बनाने की तैयारी करते ग्रामीण
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मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए, इस मंत्र को धरती पर उतारने की ठानी है रामपुर और बरेली के किसानों ने। किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष व पूर्व विधायक जयदीप सिंह बरार के नेतृत्व में रामपुर के खजुरिया व बरेली जिले के कई गांवों के किसानों ने दोनों जिलों की सीमा पर बहने वाली बैगुल नदी पर बांध बनाने का काम शुरू कर दिया है। दावा है कि बांध से रोके गए पानी से दोनों जिलों में हजारों एकड़ खेतों की सिंचाई की जा सकेगी। जिससे उनकी सिंचाई की लागत न सिर्फ कम होगी बल्कि उपज भी बढ़ेगी।
किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष जयदीप सिंह बरार की अगुवाई में रामपुर के खजुरिया व बरेली जिले के कई गांवों के किसान शुक्रवार को ग्राम खमरिया की बैगुल नदी पर वर्षों पहले टूटे कच्चे बांध के पास इकट्ठे हुए। जयदीप ने किसानों से कहा कि बैगुल नदी पर अंग्रेजी सरकार में निर्मित खमरिया रेगुलेटर (बल्ली बांध) टूटने के बाद काफी समय वर्ष 1989 तक रुहेलखंड नहर खंड द्वारा कच्चा बांध बनाकर दोनों जिलों के करीब एक सौ से अधिक गांवों को सिंचाई करने की सुविधा दी जाती थी।
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उन्होंने कहा कि 1990 में नहर विभाग ने कच्चा बांध बनाना बंद कर दिया है। तब से सौ से अधिक गांवों के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है। नदी के पानी का उपयोग नहीं हो पा रहा है। पक्का रेगुलेटर बांध बनाने में सरकार धन अभाव का बहाना बना रही है। कच्चा बांध बनाने की शासन की नीति खत्म हो चुकी है। ऐसे में समिति ने कारसेवा से कच्चा बांध बनाने का फैसला लिया है। इसके बाद तमाम किसानों ने नदी के दोनों तटों को जेसीबी द्वारा समतल करना शुरू कर दिया। किसानों ने कट्टों में बालू भी भरनी शुरू की। कारसेवा का काम शाम तक चला।
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जिसमें खजुरिया, रसूलपूर, नरसुआ, पिपलिया विजयनगर, औरंगनगरखेड़ा, कनकपुर, मोहम्मदपुर, पिपला, सराय, कनकपुरी, ढकिया ठाकुरान, मानपुर आदि गांवों के राकेश गंगवार, पूर्व प्रधान कृष्ण पाल सिंह, सोनू सिंह, रमेश सिंह, देवेंद्र मौर्य, भागीरथ, लेखराज, सेवाराम, परेंद्र शर्मा, भीमसेन गंगवार, धर्मपाल सिंह, शंकर लाल गंगवार, अफसर खां, महेंद्र गंगवार, दिलीप सिंह आदि ने कारसेवा में भाग लिया।