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परिजनों ने की थी हत्या, पिता गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sun, 03 Jan 2016 11:22 PM IST
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नीरज हत्याकांड में अमर उजाला की आशंका सच साबित हुई। नीरज की हत्या ऑनर किलिंग थी। उसे उसके प्रेमी ने नहीं, बल्कि अपनों ने ही गला घोंटकर मारा था, क्योंकि परिजनों के मना करने पर भी वो प्रेमी से मिलना और मोबाइल पर बात करना नहीं छोड़ रही थी।
इसी नाराज होकर उसके पिता और ताऊ ने पड़ोसी के साथ मिलकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शव को उपले के ढेर में डालकर आग लगा दी। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ताऊ और पड़ोसी की तलाश की जा रही है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के फैजनगर गांव में 21 दिसंबर की रात उपले के ढेर में आग लग गई थी। ग्रामीणों ने आग बुझाई तो उसमें युवती का अधजला शव मिला था। उसकी पहचान गांव के ही रूकम सिंह की बेटी नीरज के रूप में हुई। घटना की सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई थी।
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22 दिसंबर की सुबह जानकारी मिलने पर पुलिस गांव पहुंची थी। परिजनों ने नीरज के प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया था। नीरज के पिता ने बताया था कि उसकी बेटी का गांव के ही युवक राहुल से प्रेम प्रसंग थे। राहुल ने घर से बाहर बुलाकर नीरज की हत्या कर दी और शव को उपले में रखकर आग लगा दी थी।
पुलिस ने प्रेमी राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। नीरज की हत्या पहले दिन से ही आनर किलिंग की ओर इशारा कर रही थी। चारपाई के पास मिली नीरज की चप्पल, मोबाइल का भी चारपाई पर मिलना, परिजनों की घटना को लेकर चुप्पी, पुलिस को जानकारी न देने जैसे कई साक्ष्य इस बात की ओर संकेत दे रहे थे कि मामला कुछ और है।
मामले की जांच सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई सत्यवीर ने की। जांच के दौरान पुलिस ने जब युवती के परिजनों से कड़ाई से बातचीत की तो सच्चाई सामने आ गई। रविवार को सीओ सिटी आले हसन ने इसका खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि नीरज की हत्या उसके पिता रूकम सिंह ने अपने बड़े भाई महेंद्र सिंह और पड़ोसी बहादुर के साथ मिलकर की थी। परिजनों के बार-बार मना करने के बाद भी नीरज ने राहुल के साथ मोबाइल पर बात करना और मिलना नहीं छोड़ा था। बदनामी के डर से पिता और ताऊ ने पड़ोसी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को घर के पिछवाड़े बदन सिंह के बिटोरे में रखकर आग लगा दी। आग लगने के बाद गांव में जाग हो गई और ग्रामीणों ने आग बुझाई को बिटोरे से नीरज का अधजला शव मिला। सीओ सिटी ने बताया कि नीरज की हत्या में उसके प्रेमी के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया था, उसमें मुल्जिम का नाम बदल दिया गया है।
अब राहुल की जगह पर रूकम सिंह, महेंद्र सिंह और बहादुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने रूकम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
नीरज की हत्या के मामले में उसके पिता रूकम सिंह ने प्रेमी राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में वादी ही मुल्जिम निकला। रूकम सिंह बार-बार पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने मुकदमे आरोपी के रूप में राहुल के नाम हटाकर अब रूकम सिंह, महेंद्र सिंह और बहादुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नीरज के पिता रूकम सिंह का कहना है उसने अपनी बेटी की हत्या नहीं थी। उसने नीरज को कई बार मना किया कि राहुल से बात न करें। रूकम सिंह ने पुलिस को बताया है कि महेंद्र और बहादुर ने नीरज की हत्या घोंटकर हत्या की। उसने स्वीकार किया उसे इस बात की जानकारी थी कि नीरज की हत्या की जाने वाली है।
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इसी नाराज होकर उसके पिता और ताऊ ने पड़ोसी के साथ मिलकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शव को उपले के ढेर में डालकर आग लगा दी। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ताऊ और पड़ोसी की तलाश की जा रही है।
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सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के फैजनगर गांव में 21 दिसंबर की रात उपले के ढेर में आग लग गई थी। ग्रामीणों ने आग बुझाई तो उसमें युवती का अधजला शव मिला था। उसकी पहचान गांव के ही रूकम सिंह की बेटी नीरज के रूप में हुई। घटना की सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई थी।
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22 दिसंबर की सुबह जानकारी मिलने पर पुलिस गांव पहुंची थी। परिजनों ने नीरज के प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया था। नीरज के पिता ने बताया था कि उसकी बेटी का गांव के ही युवक राहुल से प्रेम प्रसंग थे। राहुल ने घर से बाहर बुलाकर नीरज की हत्या कर दी और शव को उपले में रखकर आग लगा दी थी।
पुलिस ने प्रेमी राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। नीरज की हत्या पहले दिन से ही आनर किलिंग की ओर इशारा कर रही थी। चारपाई के पास मिली नीरज की चप्पल, मोबाइल का भी चारपाई पर मिलना, परिजनों की घटना को लेकर चुप्पी, पुलिस को जानकारी न देने जैसे कई साक्ष्य इस बात की ओर संकेत दे रहे थे कि मामला कुछ और है।
मामले की जांच सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई सत्यवीर ने की। जांच के दौरान पुलिस ने जब युवती के परिजनों से कड़ाई से बातचीत की तो सच्चाई सामने आ गई। रविवार को सीओ सिटी आले हसन ने इसका खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि नीरज की हत्या उसके पिता रूकम सिंह ने अपने बड़े भाई महेंद्र सिंह और पड़ोसी बहादुर के साथ मिलकर की थी। परिजनों के बार-बार मना करने के बाद भी नीरज ने राहुल के साथ मोबाइल पर बात करना और मिलना नहीं छोड़ा था। बदनामी के डर से पिता और ताऊ ने पड़ोसी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को घर के पिछवाड़े बदन सिंह के बिटोरे में रखकर आग लगा दी। आग लगने के बाद गांव में जाग हो गई और ग्रामीणों ने आग बुझाई को बिटोरे से नीरज का अधजला शव मिला। सीओ सिटी ने बताया कि नीरज की हत्या में उसके प्रेमी के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया था, उसमें मुल्जिम का नाम बदल दिया गया है।
अब राहुल की जगह पर रूकम सिंह, महेंद्र सिंह और बहादुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने रूकम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
नीरज की हत्या के मामले में उसके पिता रूकम सिंह ने प्रेमी राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में वादी ही मुल्जिम निकला। रूकम सिंह बार-बार पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने मुकदमे आरोपी के रूप में राहुल के नाम हटाकर अब रूकम सिंह, महेंद्र सिंह और बहादुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नीरज के पिता रूकम सिंह का कहना है उसने अपनी बेटी की हत्या नहीं थी। उसने नीरज को कई बार मना किया कि राहुल से बात न करें। रूकम सिंह ने पुलिस को बताया है कि महेंद्र और बहादुर ने नीरज की हत्या घोंटकर हत्या की। उसने स्वीकार किया उसे इस बात की जानकारी थी कि नीरज की हत्या की जाने वाली है।