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सीओ सिटी समेत 11 पुलिस वालों पर होगी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:19 AM IST
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सुपर मार्केट में फोटोग्राफर की दुकान जबरन खाली कराने के मामले में सीओ सिटी और तत्कालीन इंसपेक्टर समेत 11 लोग फंस गए हैं। कोर्ट ने उनके खिलाफ लूटपाट करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश सिविल लाइंस पुलिस को दिए हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर कोर्ट ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर रिपोर्ट देने को भी कहा है।
दुकान को खाली कराने का यह मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में शाहबाद गेट के निकट स्थित सुपर मार्केट का है। मंडैयान नादरबाग निवासी अनवार अली की सुपर मार्केट में फोटोग्राफरी की दुकान थी। 14 फरवरी को पुलिस ने जबरन दुकान में घुसकर सामान को फेंक दिया। आरोप है कि इस दौरान कटर से दुकान के शटर को काटा गया। साथ ही सामान को लूट लिया गया और फिर उस पर अपना ताला डाल दिया।
अनवार का आरोप है कि उसने 1994 से इस दुकान को किराए पर ले रखा था। दुकान खाली कराने को लेकर उसका दुकान मालिक से विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट पहुंचा था और कोर्ट से उसे स्थगनादेश भी मिल चुका था। स्टे के बाद भी 14 फरवरी को पुलिस की टीम देर शाम पहुंची और इस तरह की घटना को अंजाम दिया। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसके खिलाफ ही धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
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अनवार ने इस मामले में कोर्ट में जो प्रार्थना पत्र दिया गया उसमें आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई गई थी। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद आरोपी बनाए गए सीओ सिटी आले हसन, तत्कालीन सिविल लाइंस इंस्पेक्टर फहीम खान, एक दरोगा समेत पांच पुलिस कर्मियों के साथ ही दुकान मालिक सुहेल उर रहमान, फैसल उर रहमान व एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
दुकान को खाली कराने का यह मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में शाहबाद गेट के निकट स्थित सुपर मार्केट का है। मंडैयान नादरबाग निवासी अनवार अली की सुपर मार्केट में फोटोग्राफरी की दुकान थी। 14 फरवरी को पुलिस ने जबरन दुकान में घुसकर सामान को फेंक दिया। आरोप है कि इस दौरान कटर से दुकान के शटर को काटा गया। साथ ही सामान को लूट लिया गया और फिर उस पर अपना ताला डाल दिया।
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अनवार का आरोप है कि उसने 1994 से इस दुकान को किराए पर ले रखा था। दुकान खाली कराने को लेकर उसका दुकान मालिक से विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट पहुंचा था और कोर्ट से उसे स्थगनादेश भी मिल चुका था। स्टे के बाद भी 14 फरवरी को पुलिस की टीम देर शाम पहुंची और इस तरह की घटना को अंजाम दिया। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसके खिलाफ ही धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
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अनवार ने इस मामले में कोर्ट में जो प्रार्थना पत्र दिया गया उसमें आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई गई थी। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद आरोपी बनाए गए सीओ सिटी आले हसन, तत्कालीन सिविल लाइंस इंस्पेक्टर फहीम खान, एक दरोगा समेत पांच पुलिस कर्मियों के साथ ही दुकान मालिक सुहेल उर रहमान, फैसल उर रहमान व एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।