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यहां पहले भी हो चुकी हैं जच्चा-बच्चा की मौत की घटनाएं

Sun, 06 Dec 2015 11:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर Updated Sun, 06 Dec 2015 11:16 PM IST
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fake nursing home seel
डा. चमन का अवैध नर्सिंग होम पिछले कई साल से शहर के बीचों चल रहा है। इतना ही नहीं इस नर्सिंग होम में पहले भी जच्चा-बच्चा की मौत की घटनाएं हो चुकी है। हादसे के बाद थोड़ी सी सक्रियता दिखाकर स्वास्थ्य अधिकारी शांत हो जाते हैं।
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स्वास्थ्य अधिकारियों की इसी सुस्ती का खामियाजा शनिवार रात दो और जिंदगियों को चुकाना पड़ा। डा. चमन के नर्सिंग होम पर पिछले साल भी एक जच्चा-बच्चा की मौत हो चुकी है। पिछले साल फरवरी माह में पटवाई थाना क्षेत्र के शकील ने अपनी पत्नी साबरी को प्रसव के लिए डा. चमन के नर्सिंग होम में भर्ती कराया था।
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प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई और कुछ देर बाद ही साबरी की भी मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से कानूनी कार्रवाई भी की गई थी और परिजनों ने तहरीर दी भी थी।
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घटना के कुछ समय बाद ही डा. चमन ने दोबारा अवैध रूप से बिना लाइसेंस लिए नर्सिंग होम चलाना शुरू कर दिया। स्वास्थ्य अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका खामियाजा शनिवार देर रात जशोदा और उसके नवजात शिशु को अपनी जिंदगी गंवा कर चुकाना पड़ा।


पिछले साल फरवरी में जब डा. चमन के नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत हुई थी तो उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने डाक्टरों की डिग्री की जांच कराई थी। इसमें उस समय सीएमओ का प्रभार संभाल रहे एसीएमओ डा. एमएल पुष्कर ने बताया था कि डिग्री जांच में फर्जी पाई गईं थीं।



डाक्टरों की ओर से आयुर्वेदिक कालेज फॉर वूमेन श्रीमुक्त पंजाब की डिग्री दी गई थी, जोकि फर्जी थी। डा. चमन एक बार हादसा होने के बाद भी बिना लाइसेंस अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन कर रहीं थी। सीएमओ डा. शंकर लाल सारस्वत ने बताया कि उनके कार्यालय में नर्सिंग होम का पंजीकरण नहीं है।
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