{"_id":"21150d30dc57be7722a5c49bdd0334ef","slug":"crpf-terrerist-attac-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हां हमने की थी तफ्तीश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हां हमने की थी तफ्तीश
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sat, 31 Oct 2015 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले की तफ्तीश करने वाले एटीएस के तत्कालीन इंस्पेक्टर एवं गाजियाबाद जीआरपी में तैनात सीओ ओपी त्रिपाठी ने कोर्ट में पेश होकर गवाही दी। उन्होंने कहा कि तफ्तीश उन्होंने ही की थी और चार्जशीट भी फाइल की थी। पंचायत चुनाव के चलते शुक्रवार को किसी भी आरोपी को कोर्ट में पेश नहीं किया गया।
31 दिसंबर 2007 की रात में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले के मामले में इन दिनों कोर्ट में सुनवाई चल रही है। शुक्रवार को भी मामले की सुनवाई हुई। हालांकि इस दौरान कोई भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं किया गया। मामले की तफ्तीश करने वाले एटीएस के तत्कालीन इंस्पेक्टर ओपी त्रिपाठी ने कोर्ट में पेश होकर गवाही दी।
उन्होंने अपनी गवाही में कहा कि अतिरिक्त चार्जशीट उनके ही द्वारा दायर की गई थी। विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की चार्जशीट भी उनके द्वारा दायर की गई थी। अभियोजन की ओर से त्रिपाठी को दुबारा गवाही के लिए बुलाया गया था। उनकी गवाही दूसरी दफा हुई है।
विज्ञापन
अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। पुलिस के पंचायत चुनाव में व्यस्त होने की वजह से किसी भी आरोपी को कोर्ट में नहीं लाया गया था। इससे पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
31 दिसंबर 2007 की रात में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले के मामले में इन दिनों कोर्ट में सुनवाई चल रही है। शुक्रवार को भी मामले की सुनवाई हुई। हालांकि इस दौरान कोई भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं किया गया। मामले की तफ्तीश करने वाले एटीएस के तत्कालीन इंस्पेक्टर ओपी त्रिपाठी ने कोर्ट में पेश होकर गवाही दी।
विज्ञापन
उन्होंने अपनी गवाही में कहा कि अतिरिक्त चार्जशीट उनके ही द्वारा दायर की गई थी। विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की चार्जशीट भी उनके द्वारा दायर की गई थी। अभियोजन की ओर से त्रिपाठी को दुबारा गवाही के लिए बुलाया गया था। उनकी गवाही दूसरी दफा हुई है।
विज्ञापन
अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। पुलिस के पंचायत चुनाव में व्यस्त होने की वजह से किसी भी आरोपी को कोर्ट में नहीं लाया गया था। इससे पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।