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जिगर के टुकड़े को ट्रैक पर छोड़ गई मां

Sat, 02 Jan 2016 11:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर Updated Sat, 02 Jan 2016 11:25 PM IST
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child find on track
छह दिन की मासूम को उसकी मां रेलवे ट्रैक पर लावारिस छोड़ गई। बरेली रेलवे पुलिस ने किसी तरह महिला को खोज निकाला तो उसने बेटी को अपनाने से इंकार कर दिया। बरेली प्रशासन ने उसको रामपुर राजकीय शिशु सदन भेज दिया है। सदन में पहुंचने के बाद उसका हेल्थ चेकअप कराया गया।
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बरेली के भोजीपुरा रेलवे स्टेशन के करीब ट्रैक पर तीन दिन पहले बरेली जीआरपी को मासूम बालिका लावारिस हालत में मिली थी। लोगों ने बालिका के लावारिस पड़े होने की सूचना रेलवे पुलिस को दी थी। पुलिस ने नवजात को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। बरेली प्रशासन की मदद से नवजात को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया।
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बाल कल्याण समिति बरेली और जीआरपी ने संयुक्त रूप से मासूम के माता-पिता की खोज की। काफी प्रयास के बाद उसकी मां भी मिल गई। मासूम की मां को समिति और बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। उसने अपनी बेटी को अपनाने से इंकार कर दिया। इसके बाद मासूम को रामपुर के राजकीय शिशु सदन भेज दिया।
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नवजात महज छह दिन की बताई जाती है। बताया जाता है कि बालिका की मां मूल रूप से नेपाल की रहने वाली है। वो मानसिक रूप से कमजोर भी है। राजकीय शिशु सदन के सहायक अधीक्षक एचपी श्रीवास्तव ने बताया कि उसने बाल कल्याण समिति और बरेली के अफसरों के सामने अपनी बेटी को रखने से इंकार कर दिया।


नवजात की मां तलाकशुदा बताई जाती है। रामपुर शिशु सदन पहुंचने पर ये बच्ची वहां पर रहने वाले बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। श्रीवास्तव ने बताया कि बालिका का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। वो पूरी तरह स्वस्थ है।


जन्म के चार दिन बाद ही नन्ही परी को उसकी मां ने ठुकरा दिया। जिस वक्त उसे रेलवे ट्रैक से बरामद किया गया नवजात रो रही थी। जीआरपी ने किसी तरह बोतल के दूध का इंतजाम किया। रामपुर शिशु सदन पहुंचने के बाद भी उसे बोतल के सहारे दूध पिलाया जा रहा है।



उसकी देखरेख के लिए महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मी को लगाया गया है। राजकीय शिशु सदन के सहायक अधीक्षक एचपी श्रीवास्तव ने बताया कि बोतल का दूध दिया जा रहा है। अब नन्ही परी सब बच्चों की दुलारी बन रही है। यहां पर अब बच्चों की संख्या 22 हो गई है।
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