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आठ साल में छह बुजुर्गों की हो चुकी हत्या
Updated Sun, 20 Aug 2017 10:03 PM IST
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रोहड़ू।
तहसील रोहड़ू में आठ साल में सिरफिरे युवकों ने छह निर्दोष बुजुर्गों को मौत के घाट उतार दिया है। इन वारदातों को अलग-अलग गांव में चार युवकों ने अंजाम दिया। सभी वारदातों में बुजुर्गों की निर्मम हत्या का एक कारण नशा ही माना जा रहा। बढ़ती वारदातें नशे को रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने की ओर इशारा कर रही है।
पांच दिन पहले एक सिरफिरे युवक ने बुजुर्ग अंधे नेपाली मजदूर को शरौंथा गांव व उसके बाद करछारी गांव में बुजुर्ग जिवणू राम को मार दिया। पुलिस पूछताछ में हत्या के पीछे कोई रंजिश या अन्य ठोस कारण सामने नहीं आया। इससे स्पष्ट है कि युवक ने नशे में होश खोकर कहासुनी के बाद दो निर्दोष बुजुर्गों को मार दिया। इसी साल फरवरी माह में खशकंडी गांव में एक युवक ने अपनी वृद्धा मां को कुदाल से घर के आंगन में मार डाला था। उसमें भी हत्या का कारण नशा बताया गया। एक साल पहले कनेरवा गांव में एक युवक ने सुधबुध खोने के बाद नशे की हालत में गांव के ही एक बुजुर्ग की उसके घर में घुस कर हत्या की। वर्ष 2008 में रोहड़ू के ही खलोना के साथ जंगल में एक युवक ने अपने दादा, दादी को मौत के घाट उतारा था। इसमें भी पुलिस पूछताछ के बाद पता चला की युवक ने नशे में अपराध का अंजाम दिया। इसके अलावा मारपीट, दुर्घटनाएं सहित अन्य कई अपराध युवाओं ने नशे में किए। रोहड़ू के तीन थानों में करीब आधा दर्जन अनट्रेस मर्डर बीते आठ साल से पुलिस की फाइलों में पडे़ हैं। रोहड़ू तहसील में इस प्रकार नशे में धुत सिरफिरे निर्देश लोगों को मौत के घाट उतर रहे, जो एक बड़ी चुनौती बनने वाला है।
...कब क्या हुआ
तीन नवंबर 2008 को खनोला के साथ मेले से घर लौटते समय जंगल में पप्पू राम ने अपने बुजुर्ग दादा श्याम नाथ व दादी लोभी देवी की खूखरी से निर्मम हत्या की। एक सितंबर 2016 को कनेवर गांव में युवक सन्नी ने अपने गांव के बुजुर्ग सरजन सिंह को तेजधार हथियार से मौत के घाट उतार दिया। 19 फरवरी 2017 को खशकंडी गांव में युवक कृष्ण ने अपनी माता कागल देवी को मार डाला। 16 अगस्त 2017 को करछारी गांव के युवक सन्नी ने शरौंथा गांव में नेपाली मजदूर व करछारी गांव में जिवणू राम को मार दिया। साथ ही घर के बाहर बंधे एक बकरे को भी काट डाला।
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तहसील रोहड़ू में आठ साल में सिरफिरे युवकों ने छह निर्दोष बुजुर्गों को मौत के घाट उतार दिया है। इन वारदातों को अलग-अलग गांव में चार युवकों ने अंजाम दिया। सभी वारदातों में बुजुर्गों की निर्मम हत्या का एक कारण नशा ही माना जा रहा। बढ़ती वारदातें नशे को रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने की ओर इशारा कर रही है।
पांच दिन पहले एक सिरफिरे युवक ने बुजुर्ग अंधे नेपाली मजदूर को शरौंथा गांव व उसके बाद करछारी गांव में बुजुर्ग जिवणू राम को मार दिया। पुलिस पूछताछ में हत्या के पीछे कोई रंजिश या अन्य ठोस कारण सामने नहीं आया। इससे स्पष्ट है कि युवक ने नशे में होश खोकर कहासुनी के बाद दो निर्दोष बुजुर्गों को मार दिया। इसी साल फरवरी माह में खशकंडी गांव में एक युवक ने अपनी वृद्धा मां को कुदाल से घर के आंगन में मार डाला था। उसमें भी हत्या का कारण नशा बताया गया। एक साल पहले कनेरवा गांव में एक युवक ने सुधबुध खोने के बाद नशे की हालत में गांव के ही एक बुजुर्ग की उसके घर में घुस कर हत्या की। वर्ष 2008 में रोहड़ू के ही खलोना के साथ जंगल में एक युवक ने अपने दादा, दादी को मौत के घाट उतारा था। इसमें भी पुलिस पूछताछ के बाद पता चला की युवक ने नशे में अपराध का अंजाम दिया। इसके अलावा मारपीट, दुर्घटनाएं सहित अन्य कई अपराध युवाओं ने नशे में किए। रोहड़ू के तीन थानों में करीब आधा दर्जन अनट्रेस मर्डर बीते आठ साल से पुलिस की फाइलों में पडे़ हैं। रोहड़ू तहसील में इस प्रकार नशे में धुत सिरफिरे निर्देश लोगों को मौत के घाट उतर रहे, जो एक बड़ी चुनौती बनने वाला है।
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...कब क्या हुआ
तीन नवंबर 2008 को खनोला के साथ मेले से घर लौटते समय जंगल में पप्पू राम ने अपने बुजुर्ग दादा श्याम नाथ व दादी लोभी देवी की खूखरी से निर्मम हत्या की। एक सितंबर 2016 को कनेवर गांव में युवक सन्नी ने अपने गांव के बुजुर्ग सरजन सिंह को तेजधार हथियार से मौत के घाट उतार दिया। 19 फरवरी 2017 को खशकंडी गांव में युवक कृष्ण ने अपनी माता कागल देवी को मार डाला। 16 अगस्त 2017 को करछारी गांव के युवक सन्नी ने शरौंथा गांव में नेपाली मजदूर व करछारी गांव में जिवणू राम को मार दिया। साथ ही घर के बाहर बंधे एक बकरे को भी काट डाला।
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