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Rampur News: 15 दिन से बेटी का इंतजार, बीमार मां की आंखें दरवाजे पर टिकीं
Sat, 07 Nov 2026 11:44 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 07 Nov 2026 11:44 PM IST
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रामपुर। घर का दरवाजा खुलते ही मां की नजरें बेटी को तलाशने लगती हैं। हर आहट पर लगता है कि शायद बेटी लौट आई हो, लेकिन इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। बेटी के लापता होने के गम में बीमार मां बार-बार बेसुध हो रही है। उधर, पिता 15 दिन से बेटी की तलाश में पुलिस और अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद युवती का कोई सुराग नहीं लग सका है। अब पिता ने विवेचक पर रिश्वत लेकर नामजद आरोपी को छोड़ने का गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है।
मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी का है। पीड़ित पिता के मुताबिक, 24 अक्तूबर को उन्होंने अपनी बेटी को जबरन ले जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बदायूं जिले के कुंवर गांव निवासी तीन युवकों को नामजद किया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द ही बेटी को बरामद कर लेगी, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है। पिता का आरोप है कि 31 अक्तूबर को विवेचक उपनिरीक्षक उनके बेटे को साथ लेकर कुंवर गांव पहुंचे थे। वहां पुलिस ने एक नामजद आरोपी को पकड़कर थाने लाया था। आरोप है कि दो दिन तक थाने में रखने के बाद विवेचक ने मोटी रकम लेकर उसे छोड़ दिया। पिता का दावा है कि आरोपी के पास वह मोबाइल फोन भी था, जो इस मामले से जुड़ा हुआ था। इसके बावजूद उसे छोड़ दिया गया। पिता ने विवेचक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शनिवार को पीड़ित पिता ने एसपी को शिकायती पत्र देकर युवती की सकुशल बरामदगी की मांग की। उन्होंने विवेचक पर लगाए गए रिश्वत के आरोपों की जांच कराने, पकड़े गए नामजद आरोपी को छोड़े जाने के मामले में कार्रवाई करने और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले जो वादी ने बयान दर्ज कराए होंगे उसी के अनुसार कार्रवाई की गई होगी। आरोप पूरी तरह निराधार है।
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मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी का है। पीड़ित पिता के मुताबिक, 24 अक्तूबर को उन्होंने अपनी बेटी को जबरन ले जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बदायूं जिले के कुंवर गांव निवासी तीन युवकों को नामजद किया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द ही बेटी को बरामद कर लेगी, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है। पिता का आरोप है कि 31 अक्तूबर को विवेचक उपनिरीक्षक उनके बेटे को साथ लेकर कुंवर गांव पहुंचे थे। वहां पुलिस ने एक नामजद आरोपी को पकड़कर थाने लाया था। आरोप है कि दो दिन तक थाने में रखने के बाद विवेचक ने मोटी रकम लेकर उसे छोड़ दिया। पिता का दावा है कि आरोपी के पास वह मोबाइल फोन भी था, जो इस मामले से जुड़ा हुआ था। इसके बावजूद उसे छोड़ दिया गया। पिता ने विवेचक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शनिवार को पीड़ित पिता ने एसपी को शिकायती पत्र देकर युवती की सकुशल बरामदगी की मांग की। उन्होंने विवेचक पर लगाए गए रिश्वत के आरोपों की जांच कराने, पकड़े गए नामजद आरोपी को छोड़े जाने के मामले में कार्रवाई करने और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले जो वादी ने बयान दर्ज कराए होंगे उसी के अनुसार कार्रवाई की गई होगी। आरोप पूरी तरह निराधार है।
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