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महिला अस्पताल में भिड़ीं डॉक्टर और आशा
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:42 PM IST
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महिला अस्पताल में गर्भवती के साथ आई आशा और ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक में कहासुनी हो गई। मामला तूल पकड़ने पर झगड़ा होने लगा। आशा और उसके पति ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर सीएमएस और सीएमओ को सूचना दी गई। आशा की तहरीर पर महिला चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है।
शहजादनगर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव निवासी दिव्या स्वास्थ्य विभाग में आशा के पद पर कार्यरत हैं। दिव्या ने गांव निवासी गर्भवती शकुंतला पत्नी नन्हे को प्रसव के लिए शुक्रवार रात महिला अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार को शकुंतला का प्रसव हुआ।
प्रसव के बाद प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए आशा के फार्म पर हस्ताक्षर करने को लेकर ड्यूटी पर मौजूद डा. प्रभा और दिव्या में बहस हो गई। विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया और दिव्या के साथ आया उसका पति भी झगड़े में शामिल हो गया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बदसलूकी और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए झगड़ने लगे।
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दिव्या और उसके पति ने प्रसव में भी लापरवाही करने और बदसलूकी का आरोप लगाया। हंगामे की जानकारी महिला अस्पताल की सीएमएस और सीएमओ को भी दी गई। सीएमओ ने आशा के पद पर कार्य कर रही दिव्या को सोमवार को कार्यालय बुलवाया है।
इससे पहले दिव्या ने कोतवाली में डा. प्रभा के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और बदसलूकी करने के आरोप में तहरीर दी। कोतवाली पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली है। डा. प्रभा का कहना है कि गर्भस्थ शिशु की हालत काफी गंभीर थी और आशा की ओर से पूर्व में उसकी कोई भी जांच नहीं कराई गई थी।
एएनसी जांच न होने के कारण प्रसव में काफी परेशानी हुई। इसके बावजूद आपरेशन कर प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद आशा को ब्लड की जांच कराने के लिए कहा गया, जिस पर उसने इंकार कर दिया। प्रोत्साहन राशि के फार्म पर साइन करने का दवाब बनाने लगी। साइन जांच कराने के बाद सोमवार को करने की बात पर आशा और उसके पति ने गाली-गलौज करते हुए बदसलूकी की।
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शहजादनगर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव निवासी दिव्या स्वास्थ्य विभाग में आशा के पद पर कार्यरत हैं। दिव्या ने गांव निवासी गर्भवती शकुंतला पत्नी नन्हे को प्रसव के लिए शुक्रवार रात महिला अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार को शकुंतला का प्रसव हुआ।
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प्रसव के बाद प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए आशा के फार्म पर हस्ताक्षर करने को लेकर ड्यूटी पर मौजूद डा. प्रभा और दिव्या में बहस हो गई। विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया और दिव्या के साथ आया उसका पति भी झगड़े में शामिल हो गया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बदसलूकी और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए झगड़ने लगे।
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दिव्या और उसके पति ने प्रसव में भी लापरवाही करने और बदसलूकी का आरोप लगाया। हंगामे की जानकारी महिला अस्पताल की सीएमएस और सीएमओ को भी दी गई। सीएमओ ने आशा के पद पर कार्य कर रही दिव्या को सोमवार को कार्यालय बुलवाया है।
इससे पहले दिव्या ने कोतवाली में डा. प्रभा के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और बदसलूकी करने के आरोप में तहरीर दी। कोतवाली पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली है। डा. प्रभा का कहना है कि गर्भस्थ शिशु की हालत काफी गंभीर थी और आशा की ओर से पूर्व में उसकी कोई भी जांच नहीं कराई गई थी।
एएनसी जांच न होने के कारण प्रसव में काफी परेशानी हुई। इसके बावजूद आपरेशन कर प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद आशा को ब्लड की जांच कराने के लिए कहा गया, जिस पर उसने इंकार कर दिया। प्रोत्साहन राशि के फार्म पर साइन करने का दवाब बनाने लगी। साइन जांच कराने के बाद सोमवार को करने की बात पर आशा और उसके पति ने गाली-गलौज करते हुए बदसलूकी की।