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सीएफएल खरीद में घपले का मामला, 19 गांवों का रिकार्ड तलब किया
अमर उजाला ब्यूूराे/रामपुर
Updated Thu, 11 Feb 2016 12:06 AM IST
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दूसरे ब्लाकों की तरह शाहबाद ब्लाक में भी राज्य वित्त आयोग से सीएफएल खरीद
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में घपला किया गया। प्राइवेट कंपनियों ने घटिया सीएफएल को कंपनी का
दर्शाकर लाखों का भुगतान निकाल लिया। यह मामला मुख्य विकास अधिकारी के पास
पहुंच गया है। सीडीओ ने 19 गांवों का रिकार्ड तलब किया है।
2014-15 और 2015-16 में राज्य वित्त का अधिकतर पैसा गांवों में सीएफएल लगाने पर खर्च किया गया। प्राइवेट कंपनियों ने घटिया सीएफएल खरीदकर अधिक लाखों का भुगतान निकाल लिया। इसमें तत्कालीन प्रधानों और विकास कर्मियों की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
बिलासपुर, सैदनगर, चमरौवा और स्वार का घपला पहले ही पकड़ में आ चुका है। हालांकि दोषियों के खिलाफ अभी तक नहीं हो सकी है। डीडीओ दफ्तर से जांच रिपोर्ट गायब हो चुकी है। आरटीआई कार्यकर्ता मिसरयार खां ने डीपीआरओ से सूचना अधिकार के तहत शाहबाद ब्लाक की जानकारी मांगी।
डीपीआरओ से उपलब्ध जानकारी में सबसे ज्यादा रेबड़ीकलां में 110, करैथी 39, लोधीपुर में 25, रसूलपुर में 19, डोहरिया में 13, निस्वा 15, नरेखड़ी 20, नरखेड़ी 10, सहबिया खुर्द 50, पटवाई 61, मथुपुरा, पटरिया 90-90, कूप 25, पैगूपुरा 39, भोपतपुर 25, मडैया बल्लू 40, गौसमपुर में 20, घोसीपुरा में 40 और सूपा में 20 सीएफएल लगाना दर्शायी गई हैं।
सीएफएल खरीद के नाम पर कमल इलेक्ट्रानिक कंपनी, अग्रवाल, ओम शिव ट्रेडर्स कंपनी के नाम पर 19,72 लाख का भुगतान निकाल लिया है। लोकल सीएफएल की कीमत कंपनी की सीएफएल से अधिक दर्शायी गई है, जबकि मौके पर सीएफएल नहीं मिलीं। सीएफएल खरीद में घपले का मामला मुख्य विकास अधिकारी के पास पहुंच गया है।
सीडीओ ने इन गांवों का रिकार्ड तलब किया है। शाहबाद का मामला पकड़ में आने के बाद बाकी ब्लाकों भी जांच शुरू हो सकती है।
2014-15 और 2015-16 में राज्य वित्त का अधिकतर पैसा गांवों में सीएफएल लगाने पर खर्च किया गया। प्राइवेट कंपनियों ने घटिया सीएफएल खरीदकर अधिक लाखों का भुगतान निकाल लिया। इसमें तत्कालीन प्रधानों और विकास कर्मियों की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
बिलासपुर, सैदनगर, चमरौवा और स्वार का घपला पहले ही पकड़ में आ चुका है। हालांकि दोषियों के खिलाफ अभी तक नहीं हो सकी है। डीडीओ दफ्तर से जांच रिपोर्ट गायब हो चुकी है। आरटीआई कार्यकर्ता मिसरयार खां ने डीपीआरओ से सूचना अधिकार के तहत शाहबाद ब्लाक की जानकारी मांगी।
डीपीआरओ से उपलब्ध जानकारी में सबसे ज्यादा रेबड़ीकलां में 110, करैथी 39, लोधीपुर में 25, रसूलपुर में 19, डोहरिया में 13, निस्वा 15, नरेखड़ी 20, नरखेड़ी 10, सहबिया खुर्द 50, पटवाई 61, मथुपुरा, पटरिया 90-90, कूप 25, पैगूपुरा 39, भोपतपुर 25, मडैया बल्लू 40, गौसमपुर में 20, घोसीपुरा में 40 और सूपा में 20 सीएफएल लगाना दर्शायी गई हैं।
सीएफएल खरीद के नाम पर कमल इलेक्ट्रानिक कंपनी, अग्रवाल, ओम शिव ट्रेडर्स कंपनी के नाम पर 19,72 लाख का भुगतान निकाल लिया है। लोकल सीएफएल की कीमत कंपनी की सीएफएल से अधिक दर्शायी गई है, जबकि मौके पर सीएफएल नहीं मिलीं। सीएफएल खरीद में घपले का मामला मुख्य विकास अधिकारी के पास पहुंच गया है।
सीडीओ ने इन गांवों का रिकार्ड तलब किया है। शाहबाद का मामला पकड़ में आने के बाद बाकी ब्लाकों भी जांच शुरू हो सकती है।