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भक्त के हृदय में बसते हैं प्रभु : सनय कृष्ण सलील
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Mon, 19 Oct 2015 11:38 PM IST
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श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला, अक्रूर जी के कान्हा को मथुरा ले जाने के लिए उनके पास आने और कंस वध के प्रसंग सुनाए। इसके साथ ही प्रभु की प्राप्ति का तरीका बताते हुए प्रभु का वास सभी भक्तों के हृदय में बताया।
कृष्णा विहार में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ प्रसार समिति की ओर से कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में सोमवार को कथा व्यास सनय कृष्ण सलिल महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की रासलीलाओं का बखान किया। कहा कि रासलीला में जितनी गोपी होती थीं उतने ही भगवान श्रीकृष्ण होते थे।
प्रभु को तलाशने के लिए मनुष्य मिथ्या प्रयास करता है, जबकि प्रभु हर सच्चे भक्त के हृदय में निवास करते हैं। कथा व्यास ने इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को कंस के बुलावे पर मथुरा ले जाने के उनके पास पहुंचने और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा पहुंचकर कंस वध के प्रसंग को सुनाया। कहा कि भगवान के सुमिरन से मिलने सानिध्य से सभी भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं।
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सोमवार को दीप प्रज्ज्वलन सत्यप्रकाश सक्सेना ौर राधा रानी सक्सेना ने किया। मुख्य यजमान राममुरारी लाल और बीना शर्मा रहे। इस दौरान पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना, रामदत्त शर्मा, प्रमोद पांडे, आदित्य प्रकाश शर्मा, मुनीश शर्मा, श्यामकृष्ण शर्मा, रामनरेश मिश्रा, रनवीर सिंह, सीताराम शर्मा, सुधा शर्मा, कल्पना शर्मा, आशा भांडा, सुरेश शर्मा, रामनिवास शर्मा, दिनेश् कश्यप, वीके जौहरी, सरोजनी शर्मा आदि मौजूद रहे।
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कृष्णा विहार में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ प्रसार समिति की ओर से कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में सोमवार को कथा व्यास सनय कृष्ण सलिल महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की रासलीलाओं का बखान किया। कहा कि रासलीला में जितनी गोपी होती थीं उतने ही भगवान श्रीकृष्ण होते थे।
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प्रभु को तलाशने के लिए मनुष्य मिथ्या प्रयास करता है, जबकि प्रभु हर सच्चे भक्त के हृदय में निवास करते हैं। कथा व्यास ने इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को कंस के बुलावे पर मथुरा ले जाने के उनके पास पहुंचने और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा पहुंचकर कंस वध के प्रसंग को सुनाया। कहा कि भगवान के सुमिरन से मिलने सानिध्य से सभी भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं।
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सोमवार को दीप प्रज्ज्वलन सत्यप्रकाश सक्सेना ौर राधा रानी सक्सेना ने किया। मुख्य यजमान राममुरारी लाल और बीना शर्मा रहे। इस दौरान पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना, रामदत्त शर्मा, प्रमोद पांडे, आदित्य प्रकाश शर्मा, मुनीश शर्मा, श्यामकृष्ण शर्मा, रामनरेश मिश्रा, रनवीर सिंह, सीताराम शर्मा, सुधा शर्मा, कल्पना शर्मा, आशा भांडा, सुरेश शर्मा, रामनिवास शर्मा, दिनेश् कश्यप, वीके जौहरी, सरोजनी शर्मा आदि मौजूद रहे।