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आजम खां के रिसोर्ट का सेस और जुर्माना जमा करवाया जाए
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रामपुर। भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर मांग की है कि सांसद आजम के हमसफर रिसॉर्ट का सेस जमा नहीं कराया गया है। श्रम विभाग के प्रावधानों के मुताबिक रिसॉर्ट से सेस और जुर्माने की राशि वसूली जाए। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय का सेस लगभग 1.36 करोड़ रुपये जमा करा दिया गया, लेकिन जुर्माने की राशि जमा नहीं कराई गई है। जौहर विश्वविद्यालय से जुर्माने की राशि भी वसूली जाए।
सक्सेना का कहना है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सर्निमार्ण कर्मकार कल्याण उपकर के नियम के तहत 20 लाख रुपये से अधिक के भवन पर एक फीसदी सेस का प्रावधान है। व्यावसायिक भवनों के निर्माण पर कुल लागत का एक फीसदी सेस के रूप में जमा करना होता है। सेस समय पर जमा नहीं कराने पर एक फीसदी जुर्माने का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के मामले में सेस का निर्धारण कम किया गया है, जिसकी शिकायत पहले की जा चुकी है। पत्र में कहा कि आजम खां के परिवार के नाम पर पसियापुरा के हमसफर रिसॉर्ट का निर्माण कराया गया है। रिसॉर्ट का निर्माण सरकारी भूमि पर कराया गया है। इस मामले में मंगलवार को तहसीलदार की कोर्ट ने रिसॉर्ट की जमीन से सरकारी कब्जा हटाने का आदेश दिया है। सक्सेना का आरोप है कि रिसॉर्ट के निर्माण भी सेस जमा नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट के निर्माण पर आए खर्च का आकलन कर सेस का निर्धारण किया जाए। सेस के साथ जुर्माने की राशि भी वसूल की जाए। जिलाधिकारी ने इस मामले में सहायक श्रम आयुक्त को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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सक्सेना का कहना है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सर्निमार्ण कर्मकार कल्याण उपकर के नियम के तहत 20 लाख रुपये से अधिक के भवन पर एक फीसदी सेस का प्रावधान है। व्यावसायिक भवनों के निर्माण पर कुल लागत का एक फीसदी सेस के रूप में जमा करना होता है। सेस समय पर जमा नहीं कराने पर एक फीसदी जुर्माने का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के मामले में सेस का निर्धारण कम किया गया है, जिसकी शिकायत पहले की जा चुकी है। पत्र में कहा कि आजम खां के परिवार के नाम पर पसियापुरा के हमसफर रिसॉर्ट का निर्माण कराया गया है। रिसॉर्ट का निर्माण सरकारी भूमि पर कराया गया है। इस मामले में मंगलवार को तहसीलदार की कोर्ट ने रिसॉर्ट की जमीन से सरकारी कब्जा हटाने का आदेश दिया है। सक्सेना का आरोप है कि रिसॉर्ट के निर्माण भी सेस जमा नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट के निर्माण पर आए खर्च का आकलन कर सेस का निर्धारण किया जाए। सेस के साथ जुर्माने की राशि भी वसूल की जाए। जिलाधिकारी ने इस मामले में सहायक श्रम आयुक्त को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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