{"_id":"6260557a8ae3d0734a12a341","slug":"assistant-commisnor-food-safety-arrested-rampur-news-mbd4254063126","type":"story","status":"publish","title_hn":"30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धरे गए अभिहित अधिकारी, मुकदमा दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धरे गए अभिहित अधिकारी, मुकदमा दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह को मीट कारोबारी से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया है। बरेली विजिलेंस की टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर उनको गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक अजीमनगर थानाक्षेत्र के ग्राम बढ़पुरा शुमाली निवासी भगवत सरन मीट के कारोबारी हैं। उनका काम रिटेलरों को मीट की सप्लाई करना है। इसके लिए उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग से मीट ट्रांसपोर्ट का लाइसेंस लिया हुआ था। आठ फरवरी को खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह ने उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया था और एक नोटिस जारी कर कुछ कमियां बताईं थीं। नोटिस में बताई कमियों को मीट कारोबारी ने दूर कर दिया। आरोप है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह ने मीट कारोबारी से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जिसे कारोबारी भगवत सरन ने देने से मना कर दिया। बाद में 30 हजार रुपये देने की बात तय हो गई। मीट कारोबारी ने रिश्वत मांगने की शिकायत बरेली विजिलेंस से की।
बुधवार को शिकायत पर विजिलेंस की टीम बरेली से रामपुर आ गई और गंगापुर आवास विकास में कुलदीप सिंह के बताए स्थान सेठी आवास के आसपास घेराबंदी कर ली। तय समयानुसार कुलदीप सिंह के फोन करने पर मीट कारोबारी ने आकर 30 हजार रुपये की रिश्वत दी। रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम कुलदीप सिंह को रंगे हाथों पकड़कर बरेली लेकर चली गई। बरेली विजिलेंस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
बरेली विजिलेंस की अपर पुलिस अधीक्षक शैलजा मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक अजीमनगर थानाक्षेत्र के ग्राम बढ़पुरा शुमाली निवासी भगवत सरन मीट के कारोबारी हैं। उनका काम रिटेलरों को मीट की सप्लाई करना है। इसके लिए उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग से मीट ट्रांसपोर्ट का लाइसेंस लिया हुआ था। आठ फरवरी को खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह ने उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया था और एक नोटिस जारी कर कुछ कमियां बताईं थीं। नोटिस में बताई कमियों को मीट कारोबारी ने दूर कर दिया। आरोप है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह ने मीट कारोबारी से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जिसे कारोबारी भगवत सरन ने देने से मना कर दिया। बाद में 30 हजार रुपये देने की बात तय हो गई। मीट कारोबारी ने रिश्वत मांगने की शिकायत बरेली विजिलेंस से की।
विज्ञापन
बुधवार को शिकायत पर विजिलेंस की टीम बरेली से रामपुर आ गई और गंगापुर आवास विकास में कुलदीप सिंह के बताए स्थान सेठी आवास के आसपास घेराबंदी कर ली। तय समयानुसार कुलदीप सिंह के फोन करने पर मीट कारोबारी ने आकर 30 हजार रुपये की रिश्वत दी। रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम कुलदीप सिंह को रंगे हाथों पकड़कर बरेली लेकर चली गई। बरेली विजिलेंस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
बरेली विजिलेंस की अपर पुलिस अधीक्षक शैलजा मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।