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Rampur News: कुंभकरण और मेघनाद का वध होते ही लगे जयकारे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 01:44 AM IST
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As soon as Kumbhakaran and Meghnad were killed, cheers started.
रामपुर। शहर में तीन स्थानों पर चल रही रामलीला में दर्शकों की जमकर भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को कोसी रोड स्थित उत्सव पैलेस में श्री सनातन रामलीला कमेटी की ओर से चल रही रामलीला में कुंभकरण वध, मेघनाद वध एवं अहिरावण वध का मंचन किया गया। तीनों असुरों के वध के बाद श्रीराम और लक्ष्मण के जयकारे गूंज उठे। मंचन के दौरान दिखाया गया कि जब रावण को पता चलता है कि हनुमान ने संजीवनी बूटी लाकर सूर्यादय से पूर्व ही लक्ष्मण के प्राण बचा लिए हैं। तब वह चिंता में आ जाता है तथा सोच विचारकर अपने अनुज कुंभकरण के पास जाता है। रावण कुंभकरण को राम-लक्ष्मण के लंका आगमन तक की पूरी कहानी बताता है। इसके बाद रावण के कहने पर कुंभकरण युद्ध करने जाता है और मारा जाता है। उसके मरते ही श्री राम की सेना में जयकारे गूंजने लगते हैं। इसके बाद मेघनाद और अहिरावण के वध का भी मंचन किया गया। इससे पहले मंच पर सुबह के समय श्रीकृष्ण लीला में कंस वध की लीला का मंचन किया गया। इस अवसर पर वीरेंद्र गर्ग, अरविंद अग्रवाल, हरीश चंद्र, वेद प्रकाश, राजीव गर्ग, ईश्वर सरन सोनी, सुभाष चंद्र, पवन जैन, मुकुल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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मेघनाद के मरने के बाद रावण हुआ विचलित
रामपुर। श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से ज्वालानगर में मथुरा-वृंदावन के कलाकारों द्वारा सोमवार को कुंभकरण व मेघनाद वध और सुलोचना सती की लीला का मंचन किया गया। पहले कुंभकरण और उसके बाद लक्ष्मण द्वारा मेघनाद वध का मंचन किया गया। दर्शक मनमोहक लीला देख अति उत्साहित हो जाते हैं। इस अवसर पर सुरेश अग्रवाल, अवधेश शर्मा, डॉ. तेजवीर यादव, त्रिभुवन पंडित, आशु गुप्ता, चितरंजन श्रीवास्तव, मोहित मल्होत्रा, संजू शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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अंगद की चेतावनी के बाद भी नहीं माना रावण
रामपुर। श्री हरि आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से आदर्श काॅलोनी में चल रही रामलीला में विभीषण शरणागति, रामेश्वर स्थापना, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, संजीवनी बूटी का प्रसंग दिखाया गया। जिससे दर्शक भावविभोर हो गए। मंचन दिखाया गया कि रावण विभीषण को अपने महल से निकाल देता है। इस पर वह श्रीराम की शरण जाते हैं। इसके बाद श्रीराम युद्ध से पहले एक बार रावण को समझाने के लिए अंगद को लंका भेजते हैं। इस पर अंगद रावण को समझाते हैं, लेकिन वह नहीं समझता। इसके बाद रावण के एक-एक योद्धा का अंत होता है। इस अवसर पर राकेश जुनेजा, जगन्नाथ चावला, राजकिशन भसीन, राजेश कुमार शर्मा, मोहित बांगा, राहुल डंग, राजेंद्र कुमार पाल समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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