रामपुर। रामपुर महोत्सव के तहत आम्बेडकर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह ने कहा कि आम्बेडकर के संघर्षों को तो सभी बताते हैं, लेकिन आम्बेडकर के विचारों और सिद्घांन्तों पर अमल कोई नहीं करता। ऐसे में बदलाव के लिए यह जरूरी है कि संविधान की भावना को समझें और डॉ.भीमराव आम्बेडकर के विचारों को आत्मसात करें।
नुमाइश ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि संविधान में समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन व्यक्ति अपने मतलब के अधिकारों को तो अपना लेता है और सभी के मतलब के विचारों को नहीं अपनाता। यही वजह है कि आजादी के सात दशक बाद भी देश विकास की उस गति पर बढ़ सका, जिस तेजी से प्रगति करनी चाहिए थी। उन्होंने सभी को संदेश दिया कि संविधान में दिए गए अधिकारों को समझें और आगे बढ़ें। युवा देश के विकास में योगदान दें। इस दौरान राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों ने संविधान पर नाटक भी पेश किया। इसके बाद शाम को छाऊ नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें पश्चिम बंगाल से आए कलाकारों ने शानदार प्रस्तुत दी। वहीं, लाइट एंड साउंड शो के जरिए किले में रामपुर के इतिहास के बारे में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन मुनीश चन्द्र शर्मा ने किया। इस मौके पर जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह सहित अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।